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दिवाली से पहले मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 30 दिन का बोनस, जानें किसे मिलेगा फायदा
8th Pay Commission: मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिन का नॉन-प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड यानी एड-हॉक बोनस देने की मंजूरी दी है. वित्त मंत्रालय के खर्च करने वाले विभाग 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में मेमोरेंडम जारी किया.
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8th Pay Commission: दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को राहत देने वाला फैसला लिया है. मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिन का नॉन-प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड यानी एड-हॉक बोनस देने की मंजूरी दी है. वित्त मंत्रालय के खर्च करने वाले विभाग 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में मेमोरेंडम जारी किया. बोनस का भुगतान संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वित्त वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट से किया जाएगा. ऐसे में पात्र कर्मचारियों को त्योहार के समय अतिरिक्त पैसे मिल सकेंगे, जिससे उनके खर्चों में कुछ मदद मिलेगी.
अधिकतम कितना मिलेगा बोनस?
सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7,000 रुपये तय की है. 30 दिन के बोनस के हिसाब से कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपये मिल सकते हैं. अगर किसी कर्मचारी का औसत मासिक वेतन 7,000 रुपये से कम है, तो उसे मिलने वाला बोनस भी उसी अनुपात में कम होगा. भुगतान की राशि को राउंड फिगर में तय किया जाएगा.
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किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस बोनस का फायदा ग्रुप C और नॉन-गजटेड ग्रुप B के उन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा, जो प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस योजना में शामिल नहीं हैं. इसके अलावा पात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है. केंद्र शासित प्रदेशों के ऐसे कर्मचारी भी पात्र हो सकते हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के वेतनमान के अनुसार वेतन मिलता है और जो किसी दूसरी बोनस या एक्स-ग्रेशिया योजना के अंतर्गत नहीं आते.
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बोनस पाने के लिए कितनी सेवा जरूरी?
बोनस पाने के लिए कर्मचारी को वित्त वर्ष 2025-26 में कम से कम छह महीने की लगातार नियमित सेवा पूरी करनी होगी. सामान्य नियम के अनुसार, कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है. हालांकि, छह महीने से एक साल के बीच सेवा देने वाले कर्मचारियों को पूरे साल के बजाय उनकी सेवा अवधि के हिसाब से बोनस मिलेग.
रिटायरमेंट और डेथ के मामलों में क्या नियम हैं?
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जिन कर्मचारियों की 31 मार्च 2026 से पहले सेवानिवृत्ति हो गई, मेडिकल कारणों से रिटायर हुए या जिनकी मृत्यु हो गई, उनके मामले में भी बोनस मिल सकता है. इसके लिए वित्त वर्ष के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा जरूरी है. वहीं, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मचारियों को मूल केंद्रीय विभाग से बोनस नहीं मिलेगा. बिना सेवा में ब्रेक के एक केंद्रीय कार्यालय से दूसरे में ट्रांसफर होने पर दोनों जगह की पात्र सेवा जोड़ी जा सकती है.
कैजुअल कर्मचारियों के लिए भी नियम
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कैजुअल कर्मचारियों को भी कुछ शर्तें पूरी करने पर बोनस मिल सकता है. छह दिन वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 240 दिन और पांच दिन वाले कार्यालयों में 206 दिन काम करना जरूरी है. यह शर्त कम से कम तीन साल तक पूरी होनी चाहिए, इनके लिए मासिक वेतन की गणना सीमा 1,200 रुपये है. वास्तविक वेतन इससे कम होने पर बोनस की गणना उसी आधार पर होगीसाल के दौरान नियमित किए गए कैजुअल कर्मचारी भी जरूरी शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकते हैं.