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Pubic Hair Removal Guide : वजाइना के लिए ट्रिमिंग, शेविंग और वैक्सिंग में से सही चॉइस कैसे करें

प्यूबिक हेयर हटाना या संवारना पर्सनल चॉइस है, लेकिन गलत तरीके से इंफेक्शन या जलन हो सकती है. ट्रिमिंग सबसे सेफ और आसान है, कोई दर्द नहीं और इंफेक्शन का रिस्क कम. शेविंग तेज है, पर कट या दाने हो सकते हैं. वैक्सिंग लंबे समय तक स्मूद रखती है, लेकिन दर्दनाक और रिस्की है.

प्यूबिक हेयर (वजाइना के आसपास के बाल) हटाना या संवारना हर लड़की की अपनी मर्जी है. लेकिन गलत तरीके से ये करना इंफेक्शन, जलन या स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है. आज हम एक्सपर्ट्स की सलाह से बताएंगे कि वैक्सिंग, शेविंग (रेजर) और ट्रिमिंग में क्या अच्छा है और क्या नहीं. याद रखो, प्यूबिक हेयर स्किन को बैक्टीरिया और इंफेक्शन से बचाते हैं, तो इन्हें पूरी तरह हटाने की बजाय संवारना ज्यादा सेफ है. चलो, जानते हैं सही तरीका.

प्यूबिक हेयर क्यों जरूरी हैं?

प्यूबिक हेयर वजाइना को बैक्टीरिया, रगड़ और इंफेक्शन से बचाते हैं. अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) कहता है कि इन्हें हटाने की कोई मेडिकल जरूरत नहीं. लेकिन अगर तुम्हें साफ-सुथरा या कंफर्टेबल फील करना है, तो सावधानी रखनी होगी. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ट्रिमिंग सबसे सेफ ऑप्शन है, क्योंकि ये बालों को छोटा करता है बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए.

ट्रिमिंग : सबसे आसान और सेफ

ट्रिमिंग यानी कैंची या इलेक्ट्रिक ट्रिमर से बाल छोटे करना, बिना जड़ से उखाड़े. ये तरीका बिना दर्द के है और इंफेक्शन का खतरा भी कम करता है.

फायदे :

  • सेफ : स्किन पर कट या जलन नहीं होती, तो इंफेक्शन का डर कम.
  • कंफर्टेबल : घर पर आसानी से कर सकती हो, और प्रोटेक्शन भी बना रहता है.
  • मेंटेनेंस : बाल जल्दी बढ़ते हैं, लेकिन लुक साफ-सुथरा रहता है.
  • नुकसान : पूरी तरह स्मूद नहीं होता; बाल छोटे रह जाते हैं.
  • हर 1-2 हफ्ते में ट्रिम करना पड़ता है.

कैसे करें? साफ ट्रिमर या कैंची लो, शीशे का यूज करो, और सूखी स्किन पर ट्रिम करो. NDTV हेल्थ के मुताबिक, ट्रिमिंग से वजाइना एरिया सेफ रहता है.

शेविंग (रेजर) : फटाफट लेकिन रिस्की

शेविंग में रेजर से बाल स्किन की सतह पर कटते हैं. ये सबसे तेज तरीका है, लेकिन सेंसिटिव एरिया के लिए बहुत रिकमेंडेड नहीं.

फायदे :

  • जल्दी : 5-10 मिनट में हो जाता है.
  • सस्ता : बस रेजर और क्रीम चाहिए.
  • स्मूद लुक : तुरंत चिकनी स्किन मिलती है.

नुकसान : 

  • इंफेक्शन का खतरा : कट लगने से बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं.
  • जलन और दाने : रेजर बर्न या इंग्रोन हेयर हो सकते हैं.
  • कम टाइम : 1-3 दिन में बाल वापस आते हैं, और मोटे लग सकते हैं.

कैसे करें सेफ? गुनगुने पानी से एरिया धो, शेविंग क्रीम लगा, बालों की दिशा में शेव कर, और नया रेजर यूज कर. ACOG कहता है कि सर्जरी से 2 हफ्ते पहले शेविंग न करो. हेल्थलाइन के मुताबिक, शेविंग से STI का रिस्क भी बढ़ सकता है.

वैक्सिंग : लंबे टाइम स्मूद, पर दर्द भरा 

वैक्सिंग में गर्म वैक्स से बाल जड़ से उखाड़े जाते हैं. ये बिकिनी लाइन या फुल हेयर रिमूवल के लिए पॉपुलर है.

फायदे : 

  • लंबा रिजल्ट : 3-6 हफ्ते तक स्मूद रहता है.
  • स्किन एक्सफोलिएट : डेड स्किन निकलती है, स्किन सॉफ्ट लगती है.
  • पतले बाल : बार-बार वैक्सिंग से बाल पतले और कम उगते हैं.

नुकसान : 

  • दर्द : खासकर पहली बार में बहुत दर्द होता है.
  • जलन या बर्न : गर्म वैक्स से स्किन डैमेज हो सकती है.
  • इंग्रोन हेयर : बाल अंदर की ओर उग सकते हैं, इंफेक्शन का खतरा.

कैसे करें? बाल 1/4 इंच लंबे हों, स्किन साफ रखो, और प्रोफेशनल से करवाओ. जगरण के मुताबिक, वैक्सिंग शेविंग से बेहतर है लेकिन दर्द की वजह से हर किसी के लिए नहीं. न्यूज18 हिंदी कहता है कि वैक्सिंग से स्किन सॉफ्ट लगती है, पर सावधानी जरूरी.

तुलना : कौन सा तरीका बेस्ट?

ये टेबल देखकर समझो कि तुम्हारे लिए क्या सही है :

क्लीवलैंड क्लिनिक कहता है कि चॉइस तुम्हारी स्किन टाइप और पसंद पर डिपेंड करती है.

सही तरीका: एक्सपर्ट टिप्स 

  • सेफ्टी फर्स्ट : हमेशा साफ टूल्स यूज करो, और वजाइना के अंदर कुछ मत लगाओ.
  • एक्सफोलिएट : हफ्ते में एक बार स्क्रब से इंग्रोन हेयर रोक सकती हो.
  • मॉइस्चराइज : बाद में एलोवेरा या नॉन-इरिटेटिंग क्रीम यूज करो.
  • डॉक्टर की सलाह : अगर इंफेक्शन या एलर्जी हो, तो गायनेकोलॉजिस्ट से मिलो.
  • ऑप्शन : लेजर या डिपिलेटरी क्रीम ट्राई कर सकती हो, लेकिन पहले पैच टेस्ट करो.

ट्रिमिंग सबसे सेफ है, लेकिन स्मूदनेस चाहिए तो वैक्सिंग करो. और हां, नेचुरल रहना भी तो ब्यूटीफुल है! ज्यादा डाउट हो तो डॉक्टर से पूछो.

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