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क्या आपकी थाली है फाइबर-रिच? जानिए रोजाना आपकी डाइट में कितना फाइबर है ज़रूरी
एक वयस्क को प्रतिदिन लगभग 25 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। ऐसे में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें जैसी फाइबर वाली चीजों को डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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अगर आपको सेहतमंद रहना है तो सिर्फ पेट भर लेने से काम नहीं चलेगा। इस भागदौड़ भारी और अनियमित खानपान वाली लाइफस्टाइल में ज़रूरी है की हम पौष्टिक और बैलेंस्ड डाइट लें। ऐसे में एक हेल्दी ईटिंग प्लान में फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना बहुत ज़रूरी होता है। फाइबर न केवल पाचन तंत्र को मजबूत रखने में मदद करता है, बल्कि वजन नियंत्रण और शुगर को कंट्रोल में रखने में भी अहम योगदान देता है।
शरीर को कितने फाइबर की ज़रुरत?
एक वयस्क को प्रतिदिन लगभग 25 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। ऐसे में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें जैसी फाइबर वाली चीजों को डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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नेश्नल हेल्थ मिशन उत्तर प्रदेश ने भी रोजाना डाइट में फाइबर वाली चीजों को शामिल करने की सलाह दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अपनी रोज की डाइट में फाइबर वाली चीजें शामिल करना हेल्दी ईटिंग प्लान का एक जरूरी हिस्सा है। फल, सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज इसके अच्छे सोर्स हैं। इन्हें रेगुलर खाने से पाचन और पूरी सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।"
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नियमित रूप से खाएं फल
फलों में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर होते हैं, जो कब्ज को रोकते हैं और पेट को साफ रखते हैं। नियमित तौर पर खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन काबू में रहता है।
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सब्जियां खाना है ज़रूरी
थाली में सब्जियों का होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह पाचन क्रिया को सुधारती हैं। ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखती हैं तथा पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती हैं। फाइबर रक्त में ग्लूकोज के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है।
दाल भी है एक बेहतरीन सोर्स
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दाल प्रोटीन का अच्छा सोर्स होता है। दालों में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर होता है, जो कब्ज से बचाता है और मल त्याग को आसान बनाता है। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता है और डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिलता है। फाइबर के साथ-साथ ये प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत हैं।
थाली में साबुत अनाज का होना भी ज़रूरी
फाइबर से भरपूर थाली में साबुत अनाज का होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह पोषण की भरपूर मात्रा है। इसमें फाइबर के साथ-साथ विटामिन-बी, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देते हैं।
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इसके अलावा सलाद में मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.