रामायण का किरदार निभाने चली थीं पूनम पांडे, मंदोदरी बनना भी नहीं किया गया स्वीकार, भड़का संत-समाज का गुस्सा

बोल्ड और विवादों में रहने वाली अभिनेत्री पूनम पांडे को अपनी छवि सुधारने की कोशिश के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है. क्योंकि पूनम पांड के मंदोदरी के किरदार को लेकर बवाल और बढ़ चुकी है.

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21 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:48 PM )
रामायण का किरदार निभाने चली थीं पूनम पांडे, मंदोदरी बनना भी नहीं किया गया स्वीकार, भड़का संत-समाज का गुस्सा
Poonam Pandey(@poonampandeyreal)

अपने बोल्डनेस के कारण हमेशा विवादों में रहने वाली पूनम पांडे को अपनी छवि सुधारने की कोशिश के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है. खुद की छवि पर उंगली उठता देख लाल किला मैदान की प्रसिद्ध लवकुश रामलीला जल्द अपना फैसला पलट सकती है. दरअसल सार्वजनिक हमले के बीच पूनम पांडे से अभिनव कराने को लेकर समिति के अंदर ही अंतरकलह दिखने लगे हैं. 

अध्यक्ष को छोड़कर विरोध में अधिकतर पदाधिकारी 

बताया जा रहा है कि लवकुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार को छोड़कर अधिकतर पदाधिकारी इस फैसले के विरोध में हैं. इसी विरोध के कारण जल्द ही समितिकी बैठक होगी जिसमें पूनम पांडे से अभिनय का निर्णय वापस ले लिया जाएगा. समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारीने बताया कि इसे लेकर काफी आपत्तियां आ चुकी हैं. रामलीला मर्यादा की शिक्षा देती है. हम उसमें कोई विवाद नहीं चाहते हैं.

लवकुश रामलीला के बारे में जानिए 

वैसे, तो लवकुश रामलीला फिल्मी अभिनेता-अभिनेत्रियों से अभिनय कराने, भारी भरकम मंच, पेशेवर स्टंट निर्देशक समेत अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यह पूनम पांडे को लेकर विवादों में है. उन्हें रावण की पत्नी मंदोदरी का किरदार दिया गया है, जिसका मंचन 29 और 30 सितंबर को है.

रामलीला मंचन का 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक है. 2 अक्टूबर को दशहरा है. लवकुश रामलीला समिति में इस बार 500 से ज्यादा कलाकार हिस्सा ले रहे हैं. उसमें से पूनम पांडे एक हैं. उनके नाम पर आपत्ति जताने वाले लोगों के अनुसार, उक्त बोल्ड अभिनेत्री की सार्वजनिक छवि ठीक नहीं है.

रामलीला के लिए राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को आमंत्रण

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लालकिला मैदान में मंचित होने वाली श्रीधार्मिक लीला के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया गया है. पिछले वर्ष भी दोनों इस रामलीला में शामिल हुए थे और दशहरा के अवसर पर रावण पर सांकेतिक तीर चलाकर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया था. श्रीधार्मिक लीला के अध्यक्ष धीरजधर गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को आदरपूर्वक निमंत्रण देकर दशहरा के अवसर पर रामलीला मंचन परिसर में आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस रामलीला में पहले चार बार आ चुके हैं और उम्मीद है कि इस वर्ष वह अपनी पांचवीं बार की उपस्थिति देंगे.

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