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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन में पहुंचे नसीरुद्दीन शाह, अभिजीत दिपके संग मिल किया ऐसा काम, भड़क गए लोग
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है, मुंबई के शिवाजी पार्क में इसे लेकर हो रहे प्रोटेस्ट में शबाना आजमी भी शामिल होंगी. एक्ट्रेस ने इसी के साथ सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए लोगोों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
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बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह हमेशा ही अपने बयानों की वजह से चर्चाओं में बनी रहती हैं, मोदी सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालने का एक्टर एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं. अब नसीरुद्दीन ने कॉकरोच जनता पार्टी यानि सीजेपी के Protest में शामिल कर उनका समर्थन किया है. चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ इस्तीफे की माँग को लेकर CJP मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोधी प्रदर्शन पर उतरी है. पार्टी का कहना है कि उनका ये विरोध प्रदर्शन और उनकी मांग चुनाव आयोग में असहमति के विवाद और वोटर लिस्ट के स्पेशसल इंटेंसिव रिविजन यानि SIR को लेकर है.
CJP के प्रोटेस्ट में शामिल हुए नसीरुद्दीन
अब CJP को इस प्रोटेस्ट में सपोर्ट करने के लिए नसीरुद्दीन शाह भी शामिल हुए. दरअसल एक्टर ने शिवाजी पार्क में पहुँच CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके को गले लगाया. वहीं सीजेपी नेता अभिजीत दिपके उन्हें यहां देखकर हैरान रह गए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो नसीरुद्दीन सामने से चले आ रहे हैं और आते ही दिपके को लगे लगाते दिख रहे हैं. दिपके ने इस वीडियो को शेयर कर लिखा है, “ये मैं सपना देख रहा हूं या क्या है?”
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‘सर, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं’
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वीडियो में दिपके कहते दिख रहे हैं, “सर, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं, मुझे जरा भी आइडिया नहीं था कि आप यहां आ रहे हैं.’ इस पर शाह उनसे कहते हैं, 'मुझे पता था कि आप यहां हैं, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं.” इतना ही नहीं एक्टर ने दिपके के काम की तारीफ़ की और उनका हौसला बढ़ाया.
Am I dreaming or what? pic.twitter.com/NAA7ZdVPjz
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 2, 2026Advertisement
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नसीरुद्दीन और दिपके पर भड़के लोग
अब नसीरुद्दीन और दिपके की इस वीडियो पर लोग जमकर अपने रिएक्शन दे रहे हैं. लोग नसीरुद्दीन और दिपके दोनों को ट्रोल कर रहे हैं, जिस तरह से मोदी विरोध में एक्टर CJP का समर्थन करने पहुंचे हैं वो लोगों को रास नहीं आया है, वहीं अभिजीत दिपके पर भी लोगों का गुस्सा फूट रहा है, लोगों का कहना है कि दिपके ने नरीसद्दीन को प्रोटेस्ट में बुलाकर बड़ी गलती कर दी. कोई इन्हें देशद्रोही बता रहा है, तो कोई हिंदू विरोधी कह रहा है.
एक यूजर ने अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए लिखा, “जो भी नक्सली भारतीय पैसा कमाते हैं और पड़ोसी देशों का पक्ष लेते हैं, वे एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं. यह सही समय है कि उन सभी को एक साथ गिरफ़्तार किया जाए और उन्हें नाली में फेंक दिया जाए.
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वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “सभी देश-विरोधी 'कॉकरोच' एकजुट हो रहे हैं.सरकार को उन सभी पर नज़र रखनी चाहिए और सर्विलांस के ज़रिए उन्हें ट्रैक करना चाहिए.”
इसके अलावा एक और यूजर ने लिखा, “आख़िरकार, निराश, असफल, बेरोज़गार और 'डफली गैंग' के सभी लोग एक ही जगह पर इकट्ठा होते हैं, और सिर्फ़ एक आदमी को सत्ता से हटाने की यह पूरी कोशिश 12 साल से चल रही है. ज़रा सोचिए कि वह आदमी कितना ताकतवर होगा और आम लोगों पर उसका कितना असर होगा.”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, “हैरान मत होइए, नसीरुद्दीन भी आपकी तरह ही देश-विरोधी हैं.वे तो हिंदू-विरोधी भी हैं!!”
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इतना ही नहीं एक और यूजर ने लिखा, “नहीं, आप कोई सपना नहीं देख रहे हैं... पक्का एक देश-विरोधी, एहसान-फ़रामोश और इस्लामिक प्रोपेगैंडा फैलाने वाला व्यक्ति ही आपका साथ देगा. इंसान की पहचान उसकी संगत से होती है.”
वहीं एक और यूजर ने लिखा,”मुझे समझ नहीं आता कि जैसे ही कोई मोदी और बीजेपी का विरोध करना शुरू करता है, सभी देश-विरोधी लोग तुरंत उससे मिलने और उसके साथ जुड़ने लगते हैं। क्या मोदी जी सच में ऐसा कुछ कर रहे हैं जो इन देश-विरोधी लोगों को पच नहीं रहा है?”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, “एक 2 कोड़ी का गद्दार एक्टर एक 2 कोड़ी के गद्दार को गले लगा रहा है.भारत का गद्दार, सभी भारतीयों का देशद्रोही. युवाओं का दुश्मन, एक गुलफाम हसन पोर्ट्रेट जो फिल्म में गद्दार है, असल में भी गद्दार है, जिसे भारत में खतरा है, वह एक पेड से मिल रहा है.”
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इतना ही नहीं एक और यूजर ने लिखा,”यहीं आप गलती कर रहे हैं, आप गलत लोगों के साथ क्यों जुड़ रहे हैं?”
जानें क्या है मामला
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बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मुख्य रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के कारण मांगा जा रहा है. विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के जरिए साफ्टवेयर का इस्तेमाल करके वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिसे वो मताधिकार से वंचित करने का फर्जीवाड़ा बता रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में यह सामने आया था कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और फॉर्म 6 से जुड़े कुछ फैसलों पर आंतरिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं. विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने सामूहिक निर्णय लेने के बजाय अकेले अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया है.
बीजेपी ने इस मामले पर क्या कहा
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक तथा संगठनों जैसे कॉकरोच जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन किया है और ज्ञानेश कुमार पर पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया है. वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और चुनाव आयोग का बचाव किया है.बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है और इसे केवल राजनीतिक स्टंट करार दिया है.