‘मैं खुलेआम चुनौती देता हूं…’, AR Rahman के विवादित बयान पर भड़के मनोज मुंतशिर, बोले- हिंदी सिनेमा जाति और धर्म से परे है
एआर रहमान के 'कम्युनल' वाले बयान पर अभी भी बवाल मचा हुआ है. अब मशहूर गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
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एआर रहमान के हालिया 'कम्युनल' बयान ने संगीत और फिल्म जगत में हलचल मचा दी है. उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है. इसके साथ ही आमजन और एक्टर्स की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है. वहीं इसी बीच मशहूर गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर ने रहमान के बयान पर सहमति जताई है.
‘हिंदी सिनेमा जाति और धर्म से परे है’
एआर रहमान के 'कम्युनल' वाले बयान पर मनोज मुंतशिर ने कहा, "हिंदी सिनेमा जाति और धर्म से परे है. जिस देश के बड़े स्टार शाहरुख खान और सलमान खान जैसे अभिनेता हैं, जहां के बड़े संगीतकार जावेद अख्तर हैं, वहां ऐसे कैसे हो सकता है. ये सभी चीजें मुझे बहुत परेशान करती हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में धर्म को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं होता है. हम एआर रहमान की बहुत इज्जत करते हैं और उन पर गर्व है कि वे हमारे देश का हिस्सा हैं लेकिन उनके बयान से बिल्कुल असहमत हूं. ख़ासकर इस सुझाव से कि पिछले 8 सालों में कुछ बदला है. मुझे समझ नहीं आता कि उस समय अवधि को इतना महत्व क्यों दिया जा रहा है.”
‘ये अपने कलाकारों को जज नहीं करता’
मनोज मुंतशिर यहीं नहीं रुके उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, “पिछले आठ सालों में पठान और जवान जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफ़िस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इस देश का दिल और आत्मा बहुत बड़ी है. ये अपने कलाकारों को जज नहीं करता, बल्कि उनसे प्यार करता है. अगर आप अच्छा काम करते हैं, तो लोग आपको सहारा देते हैं. कभी-कभी वो नाराज़ भी हो जाते हैं और डांटते भी हैं, लेकिन ये अपनापन प्यार से आता है. यही इस देश और इसके कलाकारों के बीच का रिश्ता है. किसी भी प्रकार के भेदभाव को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करता. यही समावेशिता हमारी पहचान है.”
‘मैं खुलेआम किसी को भी चुनौती देता हूं’
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा, “किसी भी हिंदी फिल्म में, कभी भी, बस शुरुआती और आखिरी क्रेडिट्स पढ़ लीजिए. आपको लगभग 250 लोगों की एक लंबी सूची दिखाईं देगी. अगर आप गौर से देखेंगे, तो आपको एक स्पष्ट पैटर्न नज़र आएगा. मैं खुलेआम किसी को भी चुनौती देता हूं कि वो कोई भी फिल्म चुनकर दिखाए कि उसमें किसी एक धर्म को विशेष महत्व दिया गया है, जबकि अन्य धर्मों को नज़रअंदाज किया गया है. आपको ऐसा कुछ भी नहीं मिलेगा.“
Mumbai, Maharashtra: On singer A. R. Rahman’s statement, lyricist and screenwriter Manoj Muntashir Shukla says, "....I don’t think there is any kind of discrimination in our industry. We have immense respect for A. R. Rahman, and we are very proud that someone like him is from… pic.twitter.com/pIYorksyQi
— IANS (@ians_india) January 21, 2026
रहमान के किस बयान पर बवाल मचा था
एआर रहमान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले 8 सालों में फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम में कमी आई है. इसका कारण उन्होंने पावर शिफ्ट बताया, जहां अब क्रिएटिव नहीं बल्कि गैर-क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि यह बदलाव "कम्युनल थिंग" से भी जुड़ा हो सकता है.
एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा था ''मुझे बॉलीवुड में अब कम काम मिलने लगे हैं. कभी-कभी रचनात्मक निर्णय लेने की ताकत उन लोगों के हाथ में होती है जिनमें असल में क्रिएटिविटी नहीं होती. यह कभी-कभी साम्प्रदायिक कारणों से भी हो सकता है, लेकिन यह सीधे तौर पर पता नहीं चलता. यह केवल अफवाहों के रूप में पता चलता है कि मुझे किसी प्रोजेक्ट में चुना गया था, लेकिन फिर कंपनी ने अपने पांच अन्य कंपोजर्स को हायर कर लिया.”
‘मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था’
इस मामले पर विवाद बढ़ने के बाद एआर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर सफाई थी. इस वीडियो में एआर रहमान ने अपनी भावनाओं और अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से बताया. उन्होंने कहा था, ''मेरे लिए संगीत हमेशा से लोगों और संस्कृति से जुड़ने, उन्हें सेलिब्रेट करने और सम्मान देने का जरिया रहा है. भारत सिर्फ मेरा घर नहीं है, बल्कि मेरी प्रेरणा और गुरु भी है. मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मेरी ईमानदारी और सच्चे इरादों को समझेंगे और महसूस करेंगे.’’
‘मुझे खुद के भारतीय होने पर गर्व है’
वीडियो में रहमान ने कहा, ''मुझे खुद के भारतीय होने पर गर्व है. भारत ने मुझे वह मंच दिया है जहां मैं अपनी रचनात्मकता का पूर्ण स्वतंत्रता से प्रदर्शन कर सकता हूं. यह अवसर मुझे विभिन्न संस्कृतियों की आवाजों को सम्मान देने और संगीत के माध्यम से जोड़ने का मौका देता है. भारत ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है और मेरे काम को और सार्थक बनाया है.’’
‘मैंने रामायण के संगीत में हांस जिमर के साथ सहयोग किया’
रहमान ने अपने करियर की कई यादगार परियोजनाओं का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा, ''मैंने जला प्रोजेक्ट में काम किया, नागा संगीतकारों के साथ मिलकर स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाया, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर किया और सीक्रेट माउंटेन नामक भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड की स्थापना की. साथ ही, मैंने रामायण के संगीत में हांस जिमर के साथ सहयोग किया. इन सब अनुभवों ने मेरे संगीत के मकसद को और मजबूत किया.’’
‘संगीत कभी किसी को चोट पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा है’
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वीडियो के आखिर में संगीतकार एआर रहमान ने भारत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा, ''मेरा संगीत हमेशा अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और भविष्य को प्रेरित करेगा. संगीत कभी किसी को चोट पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह हमेशा लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का जरिया रहा है.’’
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