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‘बता कौनसा खून मुसलमान का’ से लेकर ‘दौलत है, शोहरत है, इज्जत है’ तक… नाना के वो कभी न भूलने वाले 10 फेमस डायलॉग

अपने पांच दशक लंबे करियर में नाना ने कई दमदार किरदार निभाए. उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्में कीं, परिंदा के अन्ना से लेकर वेलकम के डॉन उदय शेट्टी तक, उन्होंने कभी न बुलाने वाले मोमेंट दिए.

‘बता कौनसा खून मुसलमान का’ से लेकर ‘दौलत है, शोहरत है, इज्जत है’ तक… नाना के वो कभी न भूलने वाले 10 फेमस डायलॉग
Image Source- IANS
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हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. अपने करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना ने कई दमदार किरदार निभाए. उन्होंने कॉमेडी में भी अपनी अलग पहचान बनाई. उनका डायलॉग बोलने का अंदाज और किरदारों में भावनाओं को उतारने की क्षमता ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दी. 

उनके डायलॉग न केवल लोगों की जुबां पर चढ़े रहे बल्कि सोशल मीडिया पर रील और मीम्स का हिस्सा भी रहे. आर्मी के जवान से लेकर वेलकम के उदय शेट्टी तक… जानते हैं उनके फेम. डायलॉग

नाना पाटेकर के 10 फेमस डायलॉग

फिल्म प्रहार का डायलॉग- इस पार का दुश्मन कहीं ज्यादा खतरनाक है, जो देश को दीमक की तरह चाटता जा रहा है और खोखला बनाता जा रहा है- सोल्जर नेवर क्विट 

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  • क्रांतिवीर- आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने
  • क्रांतिवीर- बता इसमें से मुसलमान का खून कौन सा और हिंदू का कौन सा, बता
  • तिरंगा- अपना तो उसूल है... पहले लात, फिर बात, उसके बाद मुलाकात 
  • तिरंगा- मराठा मरता है या मारता है
  • यशवंत- सौ में से अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा देश महान
  • यशवंत- एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है
  • गुलाम-ए-मुस्तफा- जान मत मांगना, इसकी बाजार में कोई कीमत नहीं है
  • वेलकम- ये शरीफ लोग बहुत बदमाश होते हैं... शराफत की जुबान नहीं समझते हैं
  • वेलकम- भगवान का दिया हुआ सब कुछ है... दौलत है, शोहरत है, इज्जत है

अपने करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना ने कई दमदार किरदार निभाए. नाना पाटेकर ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं, परिंदा के अन्ना से लेकर वेलकम के डॉन उदय शेट्टी तक, सीरियस, गंभीर किरदार से लेकर कॉमेडी तक उन्होंने कभी न बुलाने वाले मोमेंट दिए. 

उनका डायलॉग बोलने का अंदाज और किरदारों में भावनाओं को उतारने की क्षमता ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दी. सिनेमा के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कामों से भी जुड़े रहे. वह महाराष्ट्र में किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों की मदद से जुड़े प्रयासों में सक्रिय रहे. निजी जिंदगी को उन्होंने हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा. 

कैसे हुआ नाना का निधन?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट आया. उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगातार CPR देने की कोशिश की. हालांकि, प्रयास सफल नहीं हो सके और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. 

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