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कुंडली में मांगलिक दोष है तो घबराएं नहीं, इन 10 आसान उपायों से कम हो सकता है इसका प्रभाव

मांगलिक दोष वैदिक ज्योतिष में मंगल की विशेष स्थिति से बनने वाला दोष माना जाता है, जिसका संबंध मुख्य रूप से विवाह और दांपत्य जीवन से जोड़ा जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल होने पर मांगलिक दोष बन सकता है. हालांकि इसका आकलन पूरी कुंडली देखकर ही किया जाता है.

कुंडली में मांगलिक दोष है तो घबराएं नहीं, इन 10 आसान उपायों से कम हो सकता है इसका प्रभाव
Image Source: IANS
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Manglik Dosh: वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली को व्यक्ति के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों को समझने का माध्यम माना जाता है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग योग और दोष बताए गए हैं. इन्हीं में से एक है मांगलिक दोष, जिसे मंगल दोष या मंगली दोष के नाम से भी जाना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुंडली में मंगल की विशेष स्थिति होने पर यह दोष बनता है और इसका संबंध खासतौर पर विवाह तथा दांपत्य जीवन से जोड़कर देखा जाता है.

ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और उग्रता का कारक ग्रह माना गया है. मान्यता के अनुसार जब जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल स्थित हो, तो मांगलिक दोष बन सकता है. हालांकि किसी व्यक्ति की पूरी कुंडली देखे बिना केवल मंगल की स्थिति के आधार पर विवाह या जीवन के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता.

क्या कहती है मान्यता?

मांगलिक दोष को लेकर लोगों के मन में अक्सर डर बना रहता है. ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे गुस्सा बढ़ने, पति-पत्नी के बीच मतभेद, आपसी तालमेल में कमी और विवाह में देरी जैसी स्थितियों से जोड़ा जाता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार इसका असर आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है. हालांकि इन बातों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं, बल्कि ज्योतिषीय विश्वास के तौर पर ही देखना चाहिए. अगर किसी की कुंडली में मांगलिक दोष बताया गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिष में इसके प्रभाव को कम करने के लिए कई धार्मिक और पारंपरिक उपाय बताए गए हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान उपाय.

मांगलिक दोष के 10 आसान उपाय

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1. हनुमान मंदिर में चढ़ाएं गुड़-चना

मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर भगवान हनुमान को गुड़, चना और बूंदी का भोग लगाने की मान्यता है. श्रद्धा के साथ की गई इस पूजा को मंगल से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को शांत करने वाला उपाय माना जाता है.

2. हनुमान चालीसा का करें पाठ

मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान घी का दीपक जलाकर भगवान हनुमान का स्मरण करने की भी परंपरा है.

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3. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा

यदि विवाह में देरी या रुकावट की स्थिति बताई गई है, तो गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने का उपाय किया जाता है. मान्यता है कि इससे विवाह से जुड़ी बाधाएं कम हो सकती हैं.

4. कर्ज से मुक्ति के लिए जौ का उपाय

आर्थिक परेशानी या कर्ज से राहत के लिए कुछ जौ लाल कपड़े में बांधकर रात में सिरहाने रखने और अगले दिन सुबह जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने की परंपरा बताई गई है.

5. पूर्णिमा पर करें हवन

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पूर्णिमा के दिन घर में हवन करना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे वातावरण में सकारात्मकता आती है और घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है.

6. नारियल करें हनुमान मंदिर में अर्पित

मंगलवार को नारियल को लाल कपड़े में बांधकर हनुमान मंदिर में अर्पित करने का उपाय भी बताया जाता है. इसे मंगल दोष के प्रभाव को कम करने वाली धार्मिक प्रक्रिया माना गया है.

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7. भगवान विष्णु को अर्पित करें जौ

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें जौ अर्पित करने की मान्यता है. इसे बार-बार असफलता या काम में रुकावट जैसी परेशानियों से राहत पाने के उपायों में शामिल किया जाता है.

8. सवा किलो जौ का उपाय

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सवा किलो जौ को दूध से धोकर कपड़े में बांधने और इसे दक्षिण दिशा वाले कमरे में किसी भारी वस्तु के नीचे रखने का उपाय भी किया जाता है.

9. मंगलवार को करें गौ सेवा

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मंगलवार के दिन गाय को भोजन कराना और उसकी सेवा करना पुण्यदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में गौ सेवा को मंगल ग्रह से जुड़ी परेशानियों को कम करने वाले उपायों में गिना गया है.

10. वानर को खिलाएं भोजन

मंगलवार के दिन वानर को खाने-पीने की चीजें खिलाने की भी धार्मिक परंपरा है. मान्यता है कि इससे मंगल दोष से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायता मिल सकती है.

केवल दोष देखकर न लें बड़ा फैसला

मांगलिक दोष को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी व्यक्ति की पूरी कुंडली का विश्लेषण किए बिना केवल एक दोष के आधार पर विवाह या भविष्य के बारे में फैसला नहीं लेना चाहिए. ज्योतिष में मंगल की स्थिति के साथ अन्य ग्रहों, भावों और कुंडली में मौजूद योगों को भी देखा जाता है. इसलिए यदि किसी की कुंडली में मांगलिक दोष बताया गया है, तो योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से पूरी कुंडली का विश्लेषण कराना बेहतर माना जाता है.

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बता दें कि ज्योतिषयो के मुताबिक़, धार्मिक उपाय व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मक सोच देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन जीवन के बड़े फैसले समझदारी, आपसी सहमति और वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लेने चाहिए.

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