तेजी से पैर पसार रहा कोरोना, अबकी बार किनको लें डूबेका ?

दुनिया में जिस तरह से कोरोना बढ़ रहा है उसने लोगों की घबराहट को और बढ़ा दिया है, हर कोई सोच रहा है कि आखिर अब क्या होगा? क्या एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मामले कई परिवारों को उजाड़ देंगे? वहीं ज्योतिषों का भी इस पर क्या कहना है जानने के लिए इस पर हमारी खास रिपोर्ट.

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27 May 2025
( Updated: 08 Dec 2025
04:09 AM )
तेजी से पैर पसार रहा कोरोना, अबकी बार किनको लें डूबेका ?

दिन ब दिन पांव पसारता हुआ कोरोना अब भारत की ओर बढ़ने लगा है. एक बार फिर ये बढ़ता कोरोना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या हम आने वाले समय में ज़िंदा रह पाएंगे भी या नहीं? क्या इस बार हम कोरोना की मार को झेल पायेंगे? लोगों की बढ़ती चिंता अब ज्योतिषों को भी परेशान कर रही है. तो आइये जानते हैं ज्योतिषों का फिर से बढ़ रहे कोरोना को लेकर क्या कहना है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कैसा है दुनिया में कोरोना का भविष्य ? जानने के लिए बने रहें हमारे साथ और देखिए इस पर हमारी खास रिपोर्ट…


2019 का वो साल जब कोरोना आया और 3 सालों में करीब 70 लाख लोगों की जान ले गया.. हालात इतना भयावह हो गए थे कि कई लोग अपने पिता, अपने भाई, अपनी मां को आखिरी बार भी नहीं देख पाए…कई लोगों के तो पार्थिव शरीर भी उनके परिवारों को नहीं मिल पाए.. मुश्किल से वैक्सीन के ज़रिए कोरोना पर काबू पाया गया.. लेकिन जब तक कोरोना काबू में आया.. तबतक दुनिया भर के देश तबाही झेल चुके थे..  दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल चुकी थी..  वो एक ऐसा समय था जब दुनिया के आधे से ज्यादा देशों के लोग अपने घरों में बंद हो गए, क्यों? सिर्फ ज़िंदा रहने के लिए. क्योंकि ये वायरस इतना खतरनाक था कि लोगों की जान पर ही बन आया और एक बार फिर ये जानलेवा वायरस दुनिया के बड़े-बड़े देशों जैसे कि हांगकांग, चीन, सिंगापुर, भारत और थाईलैंड में पैर पसार रहा है और भारत में भी इसने दस्तक दे दी है.. जिसे लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय भी ऐसी स्थिति पर नज़र रख रहा है. लेकिन ज्योतिष इसे लेकर क्या कह रहे हैं, आपको भी बताते हैं…


दरअसल जिस तरह से पिछले तीन वर्षों में कोरोना ने लगभग 70 लाख लोगों को खत्म कर दिया है, अब अगर ऐसे में कोरोना बढ़ता है तो एक बार फिर पूरे विश्व में बड़ी आफ़त देखने को मिलेगी. जिसे लेकर कई सारे ज्योतिष भी परेशान हैं. 



ज्योतिषों के दृष्टिकोण से देखा जाए तो जब राहु और केतु के नक्षत्र में कई और बड़े ग्रहों की युति बनती है, तब ऐसी महामारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब 26 दिसंबर 2019 में सूर्य ग्रहण के समय कई बड़े ग्रहों जैसे कि शनि, गुरु, बुध और चंद्रमा के साथ मिलकर धनु राशि में केतु के साथ युति कर रहे थे, उस दौरान केतु के नक्षत्र मूल में सूर्य ग्रहण लगा था. जिसके बाद कोरोना जैसी महामारी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया और वर्तमान में भी यदि गोचर की स्थिति देखी जाए तो मीन राशि में शनि का गोचर 29 मार्च को हुआ था. शनि ने जल तत्व की राशि मीन में गोचर करके राहु से युति की, और जैसे ही युति की वैसे ही दक्षिण-पूर्व एशिया के सिंगापुर और हांगकांग — समुद्र से लगने वाले देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे. लेकिन राहु अब मीन राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके बाद कहा जा सकता है कि भविष्य में इसके मामले कम हो सकते हैं.


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वहीं आपको एक और बात बता दें कि 6 जून को मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मंगल की युति केतु से होगी, जिसमें कुछ शहरों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं, लेकिन स्थिति उतनी भयानक नहीं होगी जितनी पिछले 3 सालों में हुई. लेकिन फिर भी हम आपसे यही कहना चाहते हैं कि सावधान रहें. पिछली बार जिस तरह से Precautions रखे थे वैसे ही आप इस बार भी सावधानी बरतें. वहीं आप किस तरह से इस बार कोरोना को लेकर सावधानिया बरत रहें है कमेंट बाक्स में जरुर बतायें . 

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