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लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग को लगा बड़ा झटका, अमेरिका में धरा गया कुख्यात गैंगस्टर जग्गा धुरकोट
पंजाब के मोगा जिले के धुरकोट गांव का रहने वाला जग्गा लंबे समय से लॉरेन्स विश्नोई और बाद में रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा रहा है. वह विदेश में बैठकर भारत में फायरिंग, वसूली, धमकी और हत्या जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था.
राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को संगठित अपराध के खिलाफ एक और बड़ी सफलता मिली है. पंजाब और राजस्थान में आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात अपराधी जगदीप सिंह उर्फ जग्गा धुरकोट को अमेरिकी एजेंसी ICE (Immigration and Customs Enforcement) ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उसे राजस्थान पुलिस की हिरासत में लाने की तैयारी चल रही है.
लॉरेन्स विश्नोई और रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा जग्गा
पंजाब के मोगा जिले के धुरकोट गांव का रहने वाला जग्गा लंबे समय से लॉरेन्स विश्नोई और बाद में रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा रहा है. वह विदेश में बैठकर भारत में फायरिंग, वसूली, धमकी और हत्या जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था.
तीन साल पहले उसने दुबई भागने की साजिश रची और वहां से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अमेरिका पहुंच गया. विदेश में रहकर भी उसने अपने गैंग नेटवर्क को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कॉल्स के जरिए सक्रिय रखा.
हत्या और फिरौती के दर्जनभर से ज्यादा मामले दर्ज
एजीटीएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, जग्गा पर पंजाब में दर्जनभर से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या, फिरौती, धमकी और फायरिंग शामिल हैं. उसे न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था. राजस्थान में भी जोधपुर के प्रतापनगर और सरदारपुरा थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं.
प्रमुख मामले:
मार्च 2017: प्रतापनगर में डॉ. सुनील चंडक पर फायरिंग और जान से मारने की धमकी
सितंबर 2017: वासुदेव इसरानी मर्डर केस में लॉरेन्स विश्नोई और अनमोल विश्नोई के साथ जेल में बंद
जमानत के बाद बेल जंप करने के बाद से वह फरार चल रहा था. उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था.
एजीटीएफ की महीनों की मेहनत रंग लाई
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन में एजीटीएफ की टीम ने जग्गा पर महीनों तक नजर रखी. उसके ठिकानों पर दबिश दी गई और उसके विदेशी नेटवर्क की गहराई से जांच की गई.
टीम का नेतृत्व डीआईजी दीपक भार्गव ने किया, जबकि एएसपी सिद्धांत शर्मा, इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप, सुनील जांगिड़, मनीष शर्मा और कमल पुरी जैसे अधिकारियों ने इसमें अहम भूमिका निभाई.
कनाडा-अमेरिका बॉर्डर से पकड़ा गया
लंबे ट्रैकिंग ऑपरेशन के बाद कनाडा-अमेरिका बॉर्डर के पास अमेरिकी एजेंसी ने जग्गा को डिटेन कर लिया. वर्तमान में वह अमेरिकी पुलिस की हिरासत में है और राजस्थान पुलिस ने उसके प्रत्यर्पण की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.
विदेशी गैंग नेटवर्क पर खुल सकता है बड़ा राज
अधिकारियों का मानना है कि जग्गा के भारत आने के बाद कई बड़े गैंग नेटवर्क, फर्जी दस्तावेजों के रैकेट और विदेश में छिपे अपराधियों के कनेक्शन का खुलासा हो सकता है.
यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मानी जा रही है.