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पाकिस्तान ने ICC से नहीं सीधे जय शाह से लिया पंगा, मिली खुली चेतावनी, भारत से नहीं खेला तो बर्बाद हो जाएगा!
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है. दूसरी तरफ ICC ने भी उसे सधे हुए लेकिन सख्त अंदाज़ में चेताया है कि उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. कहा जा रहा है कि ICC चेयरमैन की रणनीति में पाकिस्तान पूरी तरह फंस चुका है.
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पाकिस्तान ने आखिरकार अपना रंग दिखा ही दिया. कथित तौर पर बांग्लादेश के समर्थन में भारत के साथ आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया गया है. पाकिस्तान सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में कहा गया कि पाकिस्तानी टीम वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी. अब कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने ऐसा करके अपने ही क्रिकेट के लिए गड्ढा खोद लिया है और इसके बेहद गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं.
उधर, भारत के खिलाफ मुकाबले के बहिष्कार पर ICC की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. ICC ने साफ कहा है कि भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना वैश्विक क्रिकेट की निष्पक्षता और अखंडता को कमजोर करता है, जिसका पाकिस्तान के क्रिकेट पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है.
पाकिस्तान ने यह फैसला करके अपने क्रिकेट की कब्र खोद ली है. उसका हाल कुछ वैसा ही हो सकता है जैसा देश का हाल वॉर अगेंस्ट टेरर के दौर में हुआ था. तब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाक जनरल और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से कहा था- “तुम हमारे साथ हो या हमारे खिलाफ.” और चेतावनी दी थी कि साथ न देने पर पाकिस्तान को पत्थर के दौर में भेज दिया जाएगा. अब क्रिकेट में भी कुछ वैसा ही हाल होने वाला है.
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पाकिस्तान में अगर कोई इकलौता संस्थान मुनाफे में रहता है, तो वह है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB). PCB हमेशा सरप्लस में रहता है और देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाला स्पोर्ट्स बॉडी है. ऐसे में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना PCB को बेहद महंगा पड़ सकता है.
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अगर मोटे तौर पर समझें, तो इसकी कीमत कुछ इस तरह चुकानी पड़ सकती है.
1️⃣ ICC से मिलने वाली रकम का नुकसान
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ICC हर सदस्य बोर्ड को सालाना रेवेन्यू शेयर देता है.
टूर्नामेंट में हिस्सा न लेना या मैच का बहिष्कार करना Participation Agreement का उल्लंघन माना जाएगा.
इसके चलते ICC, पाकिस्तान का सालाना राजस्व हिस्सा रोक सकता है.
2️⃣ द्विपक्षीय क्रिकेट से निलंबन
पाकिस्तान को अन्य देशों के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज़ से बाहर किया जा सकता है.
टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज़ के मौके सीमित या समाप्त हो सकते हैं.
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3️⃣ एशिया कप से बाहर होने का खतरा
PCB को एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है.
इससे एशियाई क्रिकेट में पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर होगी.
4️⃣ मेज़बानी के अधिकार छिन सकते हैं
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पाकिस्तान के पास 2028 महिला टी20 वर्ल्ड कप की मेज़बानी का अधिकार है.
ICC यह अधिकार रद्द कर सकता है.
5️⃣ PSL को बड़ा झटका
विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से इनकार किया जा सकता है.
इससे PSL में विदेशी खिलाड़ी नहीं आएंगे, और लीग की ब्रांड वैल्यू गिर जाएगी.
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कुल मिलाकर, अगर PCB या पाकिस्तान सरकार इस फैसले पर अड़ी रहती है, तो उसे आर्थिक नुकसान, अंतरराष्ट्रीय अलगाव और घरेलू क्रिकेट के पतन—तीनों का सामना करना पड़ सकता है. यानी यह फैसला क्रिकेट के लिहाज़ से पाकिस्तान के लिए बेहद महंगा सौदा साबित होगा.
PCB पाक सरकार के अधीन बॉडी
यह भी साफ समझना जरूरी है कि PCB सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार के अधीन आता है. अगर सरकार बहिष्कार का आदेश देती है, तो PCB उसके खिलाफ जाने की स्थिति में नहीं है. अगर PCB भारत के खिलाफ मैच खेलता है, तो यह सरकार की अवहेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत मानी जाएगी.
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सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान सरकार ने बहिष्कार के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया.इसके उलट भारत ने साफ कहा है कि वह आतंकवाद, सुरक्षा चिंताओं और पाकिस्तान की गतिविधियों के कारण वहां जाकर नहीं खेल सकता और न ही द्विपक्षीय क्रिकेट खेलेगा. इसके बावजूद भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह एक जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते ICC, एशिया कप और ओलंपिक क्रिकेट जैसे वैश्विक आयोजनों में हिस्सा लेता रहेगा.
यही वजह है कि अगर पाकिस्तान ICC इवेंट से पीछे हटता है, तो ICC उसकी दलीलें मानने वाला नहीं है. दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान खुद इसी फ्रेमवर्क में फंस चुका है. ICC चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत ने पाकिस्तान जाने से इनकार किया था, जिसके बाद मैच न्यूट्रल वेन्यू दुबई में कराए गए थे. इसके बाद 2027 तक भारत-पाक मैचों को लेकर यह सहमति बनी थी कि मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे. BCCI ने इसे लिखित रूप में स्वीकार किया था और उसी के तहत मैच श्रीलंका में तय किए गए थे.
अब अगर पाकिस्तान यहां से भी पीछे हटता है, तो उसके लिए हालात पत्थर के दौर जैसे हो सकते हैं.
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ICC इस बार सख्त कार्रवाई के मूड में
सूत्रों के मुताबिक, इस बार ICC पाकिस्तान के साथ नरमी नहीं बरतेगा. ICC चेयरमैन जय शाह, ICC CEO सजोग गुप्ता और GM वसीम खान—तीनों इस पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए हैं.
हैंडशेक विवाद के बाद भी सजोग गुप्ता ने पाकिस्तान को साफ चेताया था कि मैच का बहिष्कार करने पर गंभीर नतीजे होंगे.
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ICC ने अपने बयान में कहा है कि उसने पाकिस्तान को श्रीलंका यात्रा की अनुमति दे दी है, लेकिन भारत के खिलाफ मुकाबले से पीछे हटने का फैसला बेहद गंभीर है. ICC ने यह भी स्पष्ट किया कि वह PCB से आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है.
ICC ने कहा कि “चुनिंदा रूप से टूर्नामेंट में हिस्सा लेना किसी भी ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. यह प्रतियोगिता की निष्पक्षता, अखंडता और भावना को कमजोर करता है.”
साथ ही ICC ने यह भी चेताया कि PCB को अपने देश में क्रिकेट पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर भारत-पाक सेमीफाइनल या फाइनल में आमने-सामने हुए, तो क्या होगा? इस पर पाकिस्तान की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है.
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पाकिस्तान ग्रुप-A में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड और USA के साथ है. उसके सभी मैच श्रीलंका में होने हैं. अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे दो अंक गंवाने होंगे और ICC नियमों के अनुसार उसका नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित होगा.
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यानी साफ है कि पाकिस्तान इस बार हर तरफ से फंसा हुआ है और बचकर निकलना आसान नहीं होगा.