ईरान में वर्षों से हैक थे ट्रैफिक कैमरे, CCTV और मोबाइल फोन...खामेनेई के लिए Mossad की थी लंबी प्लानिंग!
Iran Israel War: खामेनेई को ढेर करने के लिए इज़राइल ने लंबी प्लानिंग की थी. मोसाद ने वर्षों तक तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया सुरक्षा काफिले पर नजर रखी. इसी कारण इज़राइल और अमेरिका को सटीक लोकेशन मिली जिससे टार्गेटेड हमला संभव हुआ.
ईरान और इजरायल के बीच जंग चौथे दिन में पहुंच गई है. इजरायली सुरक्षाबलों ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को उन्हीं के घर में परिवार सहित मार गिराया. खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद सहित परिवार के कई लोगों की इस हमले में मौत हो गई. ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर इजरायली खुफिया एजेंसियों ने इतनी सटीक और टार्गेटेड हमले कैसे किए जिससे कि एक ही झटके में सबके सब वो भी एक ही जगह मारे गए.
खामेनेई की मौत के लिए थी मोसाद की लंबी प्लानिंग!
अब इसको लेकर एक खौफनाक खुलासा हुआ है, जिससे मोसाद की ताकत, तैयारी और दक्षता का पता चलता है. आपको बताएं कि इसके लिए इजरायली खुफिया एजेंसी ने महीनों ही नहीं सालों की लंबी प्लानिंग की थी.
खामेनेई की मौत पर नहीं फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. इसमें पता चलता है कि कैसे इज़राइल की खुफिया एजेंसियों ने एक प्लान तैयार किया और उसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई सहित ईरान के मिलिट्री कमांडरों को एक साथ ढेर कर दिया गया.
तेहरान के ट्रैफिक कैमरे वर्षों से थे हैक!
फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि कैसे इज़राइल ने वर्षों तक ईरान की राजधानी तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया और मोबाइल फोन नेटवर्क तक पहुंच बनाकर खामेनेई तथा उनके सुरक्षा काफिले की गतिविधियों पर लगातार मॉनिटरिंग की.
खामेनेई की हर एक गतिविधि पर थी Mossad की नजर!
लगभग पूरे तेहरान शहर के ट्रैफिक कैमरे कई वर्षों से हैक किए गए थे और उनसे प्राप्त फुटेज को एन्क्रिप्ट कर सर्वरों तक भेजा जाता रहा. इस साइबर हमले ने इज़राइली और अमेरिकी बलों को खामेनेई की सटीक लोकेशन का पता लगाने में सक्षम बनाया, जिसके बाद पर एक टार्गेट हमले में उन्हें समाप्त कर दिया गया.
नेतन्याहू ने ईरान पर हमले को लेकर क्या कहा?
इसी दौरान आपको बताएं कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर किए गए हमलों को उचित ठहराया. नेतन्याहू ने कहा कि इस्लामी शासन अमेरिका को नष्ट करने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा, “ईरान पिछले 47 वर्षों से ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगाता रहा. उन्होंने दूतावासों पर बमबारी की, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो बार हत्या करने की कोशिश की. उन्होंने अपने ही लोगों की हत्या की, अनेक लोगों का नरसंहार किया. और उन्होंने आतंक का एक वैश्विक जाल फैला रखा है. यह एक ऐसा शासन है जो संयुक्त राज्य अमेरिका को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार जारी है. ईरानी नेतृत्व क्षेत्र में खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका का कहना है कि अमेरिकी सशस्त्र बलों की ओर से सबसे कड़े प्रहार अभी शेष हैं.
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