इजरायल और ईरान जंग के बीच PM मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से की बात, भारत के साथ का दिया भरोसा
Iran Israel War Live: इजरायल और ईरान के बीच जंग और खाड़ी में पैदा हुए युद्ध जैसे हालात के बाद PM मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से बात की है. उन्होंने जॉर्डन में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताई है.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग और फिर इसके खाड़ी के कई देशों तक फैलने के बाद भारत की भूमिका बढ़ गई है. इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती रात जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला- II से टेलीफोन पर बातचीत कर मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की. आपको बता दें कि यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है और जवाबी हमलों तथा मिसाइल हमलों के चलते पड़ोसी देश भी इसकी चपेट में आ गए हैं.
PM मोदी की जॉर्डन के किंग से हुई बात
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने जॉर्डन के किंग से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और जॉर्डन की शांति, सुरक्षा तथा वहां के लोगों के कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया.
पीएम मोदी ने मौजूदा संकट के दौरान जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय का आभार भी जताया. बताया जा रहा है कि जॉर्डन भी इस संघर्ष से प्रभावित हुआ है. उसके हवाई क्षेत्र में कई प्रक्षेपास्त्रों को इंटरसेप्ट किया गया, जिससे कुछ स्थानों पर घायल होने और संपत्ति को नुकसान की खबरें हैं. मालूम हो कि जब इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे और जब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, फिर हुए जवाबी हमले में एक साथ सऊदी, कतर, UAE, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत पर भी मिसाइल दागे. इसके बाद ये जंग पूरे इलाके में फैल गई.
भारत ने खाड़ी के देशों के साथ जताई एकजुटता
सुरक्षा हालात को देखते हुए जॉर्डन ने एहतियातन रात के समय अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने का फैसला किया है, ताकि नागरिक उड्डयन को सुरक्षित रखा जा सके. क्षेत्र के अन्य देशों ने भी जोखिम बढ़ने के मद्देनजर उड़ानों पर पाबंदियां लगाई हैं. किंग अब्दुल्ला द्वितीय से यह बातचीत पीएम मोदी की बहरीन और सऊदी अरब के नेताओं से हुई चर्चाओं के बाद हुई है, जिनमें उन्होंने उनकी संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा की थी और भारत की एकजुटता जताई थी.
भारत की मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों पर पैनी नजर
इन उच्चस्तरीय संपर्कों से स्पष्ट है कि भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अपने बड़े प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता व तनाव कम करने की वकालत कर रहा है. व्यापक संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है, कई देशों ने हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगाए हैं और व्यापार मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
ईरान और इजरायल के बीच जंग में भारत का रुख!
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार संयम, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत और जॉर्डन के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया, जो आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं. आपको बता दें कि इससे पहले जॉर्डन ने कहा था कि वो ईरान पर हमले के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने देगा.
पैगंबर मोहम्मद की 42वीं पीढ़ी के वंशज हैं जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II
आपको बता दें कि भारत-जॉर्डन के रिश्ते काफी अहम हैं. जॉर्डन खाड़ी और मुस्लिम देशों में काफी अहम स्थान रखता है. वजह हैं उस पर शासन करने वाले किंग अब्दुल्ला का इतिहास. जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला पैगंबर मोहम्मद के 42वें पीढ़ी के वंशज माने जाते हैं. इसी लिहाज से उनकी अच्छी पूछ है. पीएम मोदी भी जॉर्डन के साथ रिश्तों को प्राथमिकता देते हैं.
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इसी सिलसिले में पीएम मोदी का बीते साल दिसंबर में जॉर्डन का दौरा हुआ था. इस दौरान जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला के बेटे क्राउन प्रिंस अल हुसैन ने खुद पीएम के लिए कार ड्राइव की थी. क्राउन प्रिंस को जॉर्डन में बेहद खास और शाही शख्सियत के साथ-साथ किंग अब्दुल्ला का वारिस माना जाता है. PM मोदी और क्राउन प्रिंस अल हुसैन की इस मुलाकात की तब खूब चर्चा भी हुई थी.
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