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'दाऊद इब्राहिम हमारा वांटेड, उसी देश में छिपा, जहां लादेन हुआ था ढेर...'; भारत ने पाकिस्तान पर UN की दोगलई निकाल दी
भारत ने मानवाधिकार की आड़ में पाकिस्तान के आतंकवाद और हरकतों पर आंखें मूदने वाले UN को तगड़ी लताड़ लगाई और उसकी दोगलई निकाल दी. इतना ही नहीं भारतीय दूत ने पाकिस्तानी मिलिट्री, दाऊद इब्राहिम और लादेन पर ऐसा झाड़ा कि माहौल देखने वाला था.
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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद और मानवाधिकार की आड़ में पाकिस्तान की हरकतों पर आंखें मूंदने वाले UN सिस्टम को तगड़ी लताड़ लगाई है. इतना ही नहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक विशेष विशेषज्ञ की उस रिपोर्ट का भी कड़ा विरोध जताया है, जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन और वांछित आतंकवादी दाऊद इब्राहिम को 'भारत में रहने वाला' बताया गया था. भारतीय दूत ने पाकिस्तानी मिलिट्री, दाऊद इब्राहिम और लादेन का जिक्र करते हुए ऐसा झाड़ा कि माहौल देखने वाला था.
भारत ने UN पर लगाया 'अक्षमता' का आरोप
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने बुधवार को आतंकवाद और मानवाधिकार मामलों के विशेष रिपोर्टर बेन सॉल की जुलाई में जारी रिपोर्ट की कड़ी आलोचना की. पुरी ने सॉल पर 'अक्षम' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि रिपोर्ट में 'गंभीर और साफ दिखाई देने वाली गलतियां' हैं और इस तरह की गलत जानकारी संयुक्त राष्ट्र की साख को गंभीर नुकसान पहुंचाती है.
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गौरतलब है कि 'यूएन वॉच' नामक निगरानी संगठन के एक डेटाबेस के अनुसार, सिडनी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रोफेसर बेन सॉल को चीन से 1,50,000 डॉलर की फंडिंग मिली है. कुल मिलाकर उन्हें 1.7 मिलियन डॉलर का वित्तीय सहयोग मिला है, जिसमें अमेरिका, स्विट्जरलैंड और स्पेन की संस्थाओं का भी योगदान बताया गया है.
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डी-कंपनी को भारत-आधारित बताने पर भारत ने लताड़ा
बेन सॉल की रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को आतंकवादी संबंधों वाले 'भारत-आधारित' डी-कंपनी आपराधिक गिरोह का सरगना बताया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि उसे अल-कायदा से संबंध रखने के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में डाला गया था.
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इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए रघु पुरी ने कहा, "अगर इस लाइन को अकेले पढ़ा जाए तो यह वास्तविक स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है." पुरी ने स्पष्ट किया कि डी-कंपनी और उसका प्रमुख दाऊद इब्राहिम 1993 से भारत में हुए आतंकी हमलों के मामलों में वांछित हैं और यह बात सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के आधिकारिक विवरण में साफ तौर पर दर्ज है, लेकिन सॉल ने इसे अपनी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया.
'दाऊद उसी देश में छिपा जहां ओसामा मारा गया'
रघु पुरी ने रिकॉर्ड को सही करते हुए कहा, "मैं बताना चाहता हूं कि दाऊद इब्राहिम 2003 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने से काफी पहले भारत छोड़कर भाग चुका था. भारत से बाहर रहते हुए ही उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया था."
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पुरी ने पाकिस्तान की ओर सीधा इशारा करते हुए कहा कि दाऊद आज भी भारत में वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रह रहा है जहां ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ पाया गया था और मार गिराया गया था. (ज्ञात हो कि लादेन 2011 में पाकिस्तान के एबोटाबाद में अमेरिकी नेवी सील के सीक्रेट ऑपरेशन में ढेर हुआ था.
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पाकिस्तानी सेना और दुष्प्रचार पर पलटवार
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भारत ने जोर देकर कहा कि मानवाधिकारों का ढांचा आतंकवाद के अपराधियों और उग्रवाद को बढ़ावा देने वालों की शरणस्थली नहीं बन सकता. कश्मीर का मुद्दा उठाने वाले पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए रघु पुरी ने दो टूक कहा, "इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति जानता है कि मेरे देश के खिलाफ लगाए गए आरोप, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बारे में, संकीर्ण राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से फैलाया गया महज दुष्प्रचार हैं."
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उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भारत के खिलाफ ये आरोप पाकिस्तान के 'वास्तविक शासकों', यानी वहां की सेना की ओर से लगाए गए हैं. पुरी ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तानी प्रतिनिधि के बयान पर आगे कोई टिप्पणी करके उसे महत्व नहीं देना चाहेंगे और यह दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, हमेशा रहे हैं और हमेशा रहेंगे.