सरकार ने टोल टैक्स नियमों में किया बड़ा बदलाव, 70 फीसदी तक कटौती हुई लागू, जानें कब और कहां मिलेगा फायदा
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को बड़ी राहत दी है. टोल टैक्स नियमों में संशोधन के तहत, दो-लेन हाईवे को चार-लेन या उससे अधिक चौड़ा करने के दौरान वाहन चालकों से तय टोल का केवल 30 प्रतिशत ही लिया जाएगा. यानी निर्माण अवधि में 70 फीसदी तक की छूट मिलेगी.
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Toll Tax New Rules: राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल टैक्स से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है. इस बदलाव का सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा, जो निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरते हैं. नए नियमों के तहत अब कुछ स्थितियों में टोल टैक्स में 70 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी.
दरसल, सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में किए गए संशोधन के अनुसार, जब किसी दो-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को चार-लेन या उससे अधिक चौड़ा किया जा रहा होगा, तो निर्माण अवधि के दौरान वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा. इस दौरान यात्रियों को तय टोल का केवल 30 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा. यानी सीधे शब्दों में कहा जाए तो 70 फीसदी की बड़ी राहत मिलेगी.
अधिसूचना हो चुकी है जारी
जानकारी के मुताबिक, यह छूट निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख से लेकर परियोजना पूरी होने तक लागू रहेगी. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नियम को नए साल से लागू कर दिया गया है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. यह नियम उन सभी मौजूदा और नई परियोजनाओं पर लागू होगा, जहां दो-लेन सड़कों को चार-लेन या उससे ज्यादा चौड़ा किया जा रहा है. गौरतलब है कि एनएचएआई हर साल टोल टैक्स की दरों में औसतन सात से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करता है. ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान 70 प्रतिशत की छूट यात्रियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है. खासकर रोजाना राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों और व्यावसायिक वाहन चालकों को इससे सीधा लाभ होगा.
चार लेन के हाईवे पर मिलेगी कितनी छूट?
नए नियमों में चार-लेन हाईवे से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं. यदि किसी चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को छह-लेन या आठ-लेन में बदला जा रहा है, तो उस स्थिति में टोल टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. यानी यात्रियों को तय टोल दर का 75 प्रतिशत ही देना होगा. इसके अलावा, जब किसी टोल रोड की लागत पूरी हो जाती है, तब पहले से लागू नियम के अनुसार केवल 40 प्रतिशत टोल ही वसूला जाएगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में करीब 25 से 30 हजार किलोमीटर के दो-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों को चार-लेन में बदला जाना है. इसके लिए लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्गों पर माल ढुलाई का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.
बट्ट चलें कि चार-लेन कॉरिडोर बनने से व्यावसायिक वाहनों की औसत गति भी बढ़ेगी. जहां अभी वाहनों की रफ्तार 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा है, वहीं नए कॉरिडोर के पूरा होने के बाद यह 50 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक हो सकती है. कुल मिलाकर, टोल टैक्स के नए नियम यात्रियों की जेब पर बोझ कम करने के साथ-साथ देश के सड़क परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं.
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