जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

इंदौर के एमवायएच अस्पताल में बड़ी लापरवाही, चूहों ने दो नवजातों के हाथ कुतरे, एनआईसीयू में मचा हड़कंप

इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में चूहों ने दो नवजातों के हाथ कुतर दिए. जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया. दोनों बच्चों को जन्म के तुरंत बाद दो-तीन दिन पहले NICU में भर्ती किया गया था.

इंदौर के एमवायएच अस्पताल में बड़ी लापरवाही, चूहों ने दो नवजातों के हाथ कुतरे, एनआईसीयू में मचा हड़कंप
Meta_Al
Advertisement

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) से चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में भर्ती दो नवजात शिशुओं के हाथ चूहों ने कुतर दिए, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया.

NICU में भर्ती नवजातों के हाथ चूहों ने कुतरे

पहली घटना रविवार को और दूसरी सोमवार को सामने आई. दोनों शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद NICU में भर्ती किया गया था. घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने वरिष्ठ डॉक्टरों को सूचित किया और उन्होंने तत्काल पहुंचकर इलाज शुरू कराया. फिलहाल दोनों नवजातों को विशेष निगरानी में रखा गया है.

अस्पताल की लापरवाही पर क्या बोले सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक

Advertisement

अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने बताया कि अस्पताल परिसर में पिछले पांच वर्षों से पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ है, जिससे चूहों की संख्या तेजी से बढ़ गई है. उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों के परिजन वार्ड में बाहर से खाना लाते हैं, जिससे चूहे आकर्षित होते हैं और वार्ड में घुस आते हैं.

सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदम

NICU की खिड़कियों पर लोहे की मजबूत जालियां लगवाई जा रही हैं. तीमारदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बाहर से खाने-पीने की चीजें वार्ड में न लाएं. अस्पताल कर्मचारियों को 24 घंटे निगरानी बनाए रखने का आदेश दिया गया है. बड़े स्तर पर पेस्ट कंट्रोल कराने की योजना बनाई गई है.

डॉ. ब्रजेश लाहोटी के अनुसार, अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चूहों की भारी भरमार है. उन्होंने बताया कि NICU में चूहों की आवाजाही रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है और स्टाफ को पूरी तरह सतर्क किया गया है.

परिजनों को नहीं दी जानकारी

Advertisement

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि नवजातों के परिजनों को पूरी जानकारी नहीं दी गई है, ताकि वे डर और घबराहट में न आ जाएं. फिलहाल दोनों नवजातों की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

यह भी पढ़ें

घटना के बाद एमवायएच प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. यह लापरवाही एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा और लचर व्यवस्था को उजागर करती है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें