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अचानक मोबाइल पर बजा सायरन, क्या आपके पास भी आया अलर्ट? जानिए किसने भेजा, क्यों भेजा?
Phone Siren Alert: यह स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का देशव्यापी परीक्षण है, जिसका उद्देश्य आपदा चेतावनियों का त्वरित प्रसार सुनिश्चित करना है. सरकार ने इस परीक्षण के तहत शनिवार को एक अलर्ट भेजा, जिसमें नागरिकों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी.
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भारत ने शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणालियों का शुभारंभ किया. इस दौरान देशभर में लोगों को मोबाइल फोन पर 'अत्यंत गंभीर चेतावनी' का संदेश प्राप्त हुआ.
स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का परीक्षण
दरअसल, यह स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का देशव्यापी परीक्षण है, जिसका उद्देश्य आपदा चेतावनियों का त्वरित प्रसार सुनिश्चित करना है. सरकार ने इस परीक्षण के तहत शनिवार को एक अलर्ट भेजा, जिसमें नागरिकों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी.
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सरकार का संदेश: "यह एक परीक्षण संदेश है"
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इस अलर्ट में लिखा गया, "भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिससे नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना मिल सकेगी. सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्.." अलर्ट के साथ यह भी स्पष्ट किया गया कि यह एक परीक्षण संदेश है और जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है
आपदा संचार प्रणाली का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
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यह प्रणाली दूरसंचार मंत्रालय के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से विकसित की गई है, ताकि नागरिकों तक समय पर महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके. यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) पर आधारित है.
भारत में आपदा चेतावनियों का प्रसार
यह प्रणाली अब भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है और भौगोलिक रूप से लक्षित क्षेत्रों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के माध्यम से आपदा और आपातकालीन अलर्ट प्रदान करती है. अब तक, 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक एसएमएस अलर्ट प्रसारित किए जा चुके हैं.
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सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी की महत्ता
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इस प्रणाली का उपयोग करते हुए प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवाती घटनाओं के दौरान अलर्ट प्रसारित किए गए हैं. अब, सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने और गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसएमएस के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट तकनीकी का भी उपयोग किया जा रहा है.
स्वदेशी सिस्टम का विकास और कार्यान्वयन
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इस स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट-आधारित सार्वजनिक आपातकालीन अलर्ट सिस्टम का विकास और कार्यान्वयन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) के द्वारा किया गया है, जो दूरसंचार विभाग के प्रमुख अनुसंधान और विकास केंद्र के रूप में कार्य करता है.