क्या आपका स्मार्टफोन अगले महीने काम करना बंद कर देगा? X अधिकारी ने बताया आने वाला डिजिटल संकट
AI SmartPhone Crisis: एलन मस्क की कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier से. उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI एजेंट्स के कारण अगले 90 दिनों में फोन कॉल्स, मैसेज और ई-मेल इनबॉक्स का हाल खराब हो सकता है.
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AI SmartPhone Crisis: सोचिए, सिर्फ 3 महीने में आपका स्मार्टफोन जो आप कॉल करने और ई-मेल चेक करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वह लगभग बेकार हो सकता है. हाँ, यह कोई फिल्म की कहानी नहीं है. टेक्नोलॉजी की दुनिया से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. यह चेतावनी आई है एलन मस्क की कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier से. उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI एजेंट्स के कारण अगले 90 दिनों में फोन कॉल्स, मैसेज और ई-मेल इनबॉक्स का हाल खराब हो सकता है.
AI एजेंट्स की चेतावनी
Nikita Bier ने अपने एक X पोस्ट में बताया कि अब AI टूल्स इतने एडवांस हो गए हैं कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ऐसे डिजिटल एजेंट बना सकता है, जो खुद-ब-खुद कॉल करें, ई-मेल भेजें और मैसेज करें. पहले स्पैम फैलाने के लिए लोगों को बड़ी टेक्नोलॉजी की समझ चाहिए थी. लेकिन अब AI के कारण यह काम सिर्फ कुछ क्लिक में हो जाएगा.
उनका कहना है कि जब लाखों लोग ऐसे AI एजेंट्स को अपने छोटे-मोटे कामों या फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे, तो इंटरनेट पर संदेशों की बाढ़ आ सकती है. और यह बाढ़ इतनी असली लगेगी कि इंसान और मशीन में फर्क करना मुश्किल हो जाएगा.
खतरा क्यों बढ़ रहा है?
पहले हम स्पैम कॉल्स को उनकी रोबोट जैसी आवाज से पहचान सकते थे. लेकिन अब AI एजेंट्स हमारी भाषा, लहजा और इमोशन्स तक की नकल कर सकते हैं। मतलब कि आपके लिए यह पहचान पाना आसान नहीं होगा कि सामने इंसान है या मशीन.
AI अब ऐसे ईमेल लिख सकते हैं जो पूरी तरह प्रोफेशनल और असली लगते हैं. इससे आपके इनबॉक्स में जरूरी ईमेल और फिशिंग (Phishing) ईमेल में फर्क करना मुश्किल हो जाएगा. जब हर दूसरा कॉल और ईमेल AI जनरेटेड होगा, तो लोग अनजान नंबरों से कॉल उठाना और ईमेल खोलना पूरी तरह बंद कर देंगे।
सिर्फ खतरा ही नहीं, फायदा भी है
यह सुनकर डर लग सकता है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. AI एजेंट्स आपके पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेंगे. उदाहरण के लिए, आपका AI एजेंट अनजान कॉल्स को फिल्टर करेगा और केवल जरूरी कॉल्स ही आपके पास आएंगी.
डॉक्टर की अपॉइंटमेंट लेना हो या रेस्टोरेंट बुक करना हो, आपका AI एजेंट खुद फोन करके बात करेगा और बुकिंग कन्फर्म कर देगा। यानी AI सिर्फ खतरा नहीं, बल्कि आपके जीवन को आसान बनाने वाला सहायक भी बन सकता है.
डिजिटल सुरक्षा के लिए तैयारी जरूरी
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस AI क्रांति से निपटने के लिए नए तरीके अपनाने होंगे। अब सिर्फ कॉलर आईडी पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं होगा। आने वाले समय में डिजिटल सिग्नेचर, वॉइस ऑथेंटिकेशन और AI डिटेक्शन टूल्स जरूरी हो सकते हैं.
कंपनियां पहले से ही स्पैम फिल्टर, कॉल ब्लॉकिंग और AI डिटेक्शन सिस्टम अपडेट कर रही हैं. लेकिन AI की रफ्तार इतनी तेज है कि यह स्पष्ट है कि आने वाला समय डिजिटल दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण होगा.
आम आदमी पर क्या असर होगा?
अगर आप एक साधारण स्मार्टफोन यूजर हैं, तो अगले कुछ महीनों में आपको अनजान नंबरों और ईमेल्स के प्रति बहुत सतर्क रहना होगा. साइबर ठग AI का इस्तेमाल करके आपके रिश्तेदारों की आवाज में पैसे मांग सकते हैं.
इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी बन चुकी है. किसी भी ईमेल में लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका सही-सही जांच लें. अगर कोई जरूरी कॉल या मैसेज आए, तो सबसे पहले उस व्यक्ति से सीधे पुष्टि करें.
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