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ज्ञान, संस्कार और समावेशन से स्कूलों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार, 22 अक्टूबर को आयोजित होगी अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला

22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित होगी. इस दौरान विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 से स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा.

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20 Oct 2026
( Updated: 20 Oct 2026
11:22 AM )
ज्ञान, संस्कार और समावेशन से स्कूलों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार, 22 अक्टूबर को आयोजित होगी अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला
Image Source: UPPRD/ CANVA
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को ज्ञान, संस्कार, सहभागिता और समावेशन के व्यापक आयामों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार की मंशा विद्यालयों को ऐसा सशक्त शिक्षण परिवेश बनाने की है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग उपलब्ध हो. 

इसी दृष्टि से विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 जैसे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा और इनके प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के लिए 22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित की जाएगी. इसमें विद्यालयों के विकास में जनसहभागिता, नशामुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी. कार्यशाला के माध्यम से विभागीय समन्वय मजबूत करने और राज्य एवं जनपद स्तर पर आवश्यक सहयोग के बिंदुओं को स्पष्ट करने पर जोर रहेगा.

विद्यांजलि से विद्यालय विकास में जनसहभागिता

कार्यशाला में विद्यांजलि पोर्टल पर विद्यालयों के पंजीकरण की स्थिति, सीएसआर मॉड्यूल और सीएसआर संगठनों की सहभागिता की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही ‘एडॉप्ट ए स्कूल’ मॉड्यूल के माध्यम से विद्यालयों के विकास में विभिन्न हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी. राज्य एवं जनपद स्तर पर अपेक्षित सहयोग और आगे की कार्रवाई से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.

नशामुक्त विद्यालय अभियान की होगी समीक्षा

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नशामुक्त विद्यालय कार्यक्रम के अंतर्गत संबंधित पोर्टल पर विद्यालयों के पंजीकरण, स्व-घोषणा और स्व-मूल्यांकन की स्थिति की समीक्षा होगी. पोर्टल की प्रमुख सुविधाओं, कार्यप्रणाली और कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी. इसका उद्देश्य विद्यालयों में नशामुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है.

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प्रशस्त 2.0 से समावेशी शिक्षा पर मंथन

कार्यशाला में प्रशस्त 2.0 एप का प्रदर्शन किया जाएगा. समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा से जुड़ी जनपदवार गतिविधियों, शिक्षकों के पोर्टल से जुड़ने की स्थिति तथा ट्यूटोरियल में सहभागिता और उसे पूरा करने की प्रगति की समीक्षा भी होगी. इसके माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा से संबंधित गतिविधियों के क्रियान्वयन की स्थिति समझने और आवश्यक सहयोग के बिंदुओं की पहचान करने पर चर्चा की जाएगी.

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विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर

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महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित सूचनाओं के साथ कार्यशाला में प्रतिभाग करने के लिए कहा गया है. कार्यशाला में राज्य एवं जनपद स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों, अपेक्षित सहयोग और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श होगा. विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से विद्यालयों में जनसहभागिता, नशामुक्त वातावरण और समावेशी शिक्षा से जुड़ी पहलों को व्यवस्थित दिशा देने पर जोर रहेगा.

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