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ममता बनर्जी से मिलकर अखिलेश को मिला कौन सा सबक? बोले- हमसे दो बड़ी गलतियां हुईं, हम निशाने पर हैं
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव गुरुवार को कोलकाता पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ बीजेपी पर चुनाव लूटने के गंभीर आरोप लगाए बल्कि यह भी कहा कि हमसे दो गलतियां हुई है.
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पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद देश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव गुरुवार को कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे. यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.
ममता को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
कोलकाता में हुई इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'दीदी, आप लड़ी हैं, आप हारी नहीं हैं.' अखिलेश के इस बयान को विपक्षी एकजुटता और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या अब 2027 के यूपी चुनाव को देखते हुए वे भी बीजेपी के निशाने पर हैं, तो उन्होंने बेहद तीखा जवाब दिया.
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हमसे हुई दो बड़ी गलतियां: अखिलेश यादव
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अखिलेश यादव ने कहा, 'हमसे दो गलतियां हुई हैं. पहली बीजेपी को हराया और दूसरी अयोध्या में हराया. इसलिए हम टारगेट पर रहेंगे.' उन्होंने यह भी कहा कि वे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई लोगों के निशाने पर हैं. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है.
बंगाल चुनाव को लेकर बीजेपी पर लगाए आरोप
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दरअसल, बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी और विपक्षी दल लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं. इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में सेंट्रल फोर्स, ट्रांसफर-पोस्टिंग और चुनावी सिस्टम का इस्तेमाल सत्ता के पक्ष में किया गया. अखिलेश ने दावा किया कि पूरा चुनावी ढांचा बीजेपी के हिसाब से तैयार किया गया था. उन्होंने कहा कि यूपी में भी उन्होंने चुनाव बहुत करीब से देखा है, लेकिन वहां कभी डीजीपी या चीफ सेक्रेटरी तक को नहीं हटाया गया. जबकि बंगाल में चुनाव के दौरान बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए. अखिलेश ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को विपक्ष को हराने के लिए निर्देश दिए गए थे.
आईपैक से करार टूटने पर भी हुई चर्चा
इस बीच समाजवादी पार्टी और आईपैक के रिश्तों को लेकर भी चर्चा तेज रही. दरअसल, बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी के चुनावी कैंपेन को संभालने वाली आईपैक के दफ्तरों पर छापेमारी हुई थी. इसी संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए आईपैक से करार खत्म किया था. वहीं, बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर भी अखिलेश यादव ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों को सुरक्षा का खतरा है.
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सोशल मीडिया पोस्ट से दिया बड़ा संदेश
इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ममता बनर्जी और एम के स्टालि के साथ तस्वीरें भी साझा कीं. तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, 'हम वो नहीं जो मुसीबतों में साथ छोड़ दें.' इस पोस्ट को विपक्षी एकता के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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बहरहाल, बंगाल चुनाव के बाद विपक्षी दलों की सक्रियता और नेताओं के लगातार हो रहे संपर्कों ने आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्ष की यह नजदीकी आगे चलकर किस राजनीतिक रणनीति का रूप लेती है.