Advertisement
'महाजंगलराज की दीवार गिरेगी...', सिलीगुड़ी में PM मोदी का ममता सरकार पर जोरदार प्रहार, बोले- 15 साल का हिसाब देना होगा
पीएम नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी की रैली में टीएमसी पर निशाना साधते हुए जनता का आभार जताया और कहा कि बंगाल के लोगों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है.
Advertisement
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक विशाल 'विजय संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रधानमंत्री ने लगातार दूसरे दिन पश्चिम बंगाल में चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया.
जनता के प्यार के लिए जताया आभार
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की जनता को पहले धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, 'मैं कभी भी देशवासियों और बंगालवासियों के इस प्यार को भूल नहीं सकता. शनिवार को रोड शो में बहुत बड़ी संख्या में बुजुर्ग समर्थक आशीर्वाद दे रहे थे. ऐसा सौभाग्य शायद ही किसी को मिलता है. मैं इसके लिए इस क्षेत्र के सभी नागरिकों को प्रणाम करता हूं, उनका धन्यवाद करता हूं. आपका ये स्नेह, ये आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ऊर्जा और सबसे बड़ी प्रेरणा है. जब 140 करोड़ देशवासी, बंगाल का हर एक नागरिक मुझे इतना प्यार दे रहा है, इतना आशीर्वाद दे रहा है, तो मैं भी आपसे वादा करता हूं कि मैं भी आपके लिए अपने आप को हर पल खपा दूंगा. जियूंगा, तो आपके लिए जियूंगा, जूझता रहूंगा, तो आपके लिए जूझता रहूंगा.'
Advertisement
टीएमसी सरकार पर तीखा हमला
Advertisement
पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार की एक-एक कमियां गिनाईं. उन्होंने कहा, 'मुझे पक्का विश्वास है कि आज का ये दृश्य टीएमसी की नींद उड़ाने वाला है. सिलीगुड़ी की ये रैली टीएमसी के महाजंगलराज की दीवार गिराने वाली है, ये आपने तय कर लिया है. टीएमसी की सरकार अपने 15 साल पूरे कर चुकी है. मैं यहां काफी नौजवानों को देख रहा हूं. इनमें से अधिकांश साथी 15 साल पहले शायद पहली कक्षा में पढ़ते होंगे और इस चुनाव में आप बंगाल का भविष्य तय करने जा रहे हैं, आप वोट करने जा रहे हैं. ये किसी के भी काम और करतूतों के मूल्यांकन का बहुत बड़ा समय होता है लेकिन टीएमसी ने काम नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ काले कारनामे ही किए हैं.'
नॉर्थ बंगाल के विकास पर सवाल
Advertisement
उन्होंने कहा, 'सिलीगुड़ी नार्थ बंगाल का गेटवे है लेकिन 'टीएमसी ने नार्थ बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर को जान-बूझकर पीछे रखा. कनेक्टिविटी, इंडस्ट्री, टूरिज्म, हर सेक्टर में उपेक्षा ही मिली. केंद्र सरकार ने जो पैसा भेजा, वो भी ये सिंडिकेट वाले ही हजम कर गए. नार्थ बंगाल से भेदभाव का उदाहरण टीएमसी की निर्मम सरकार का बजट भी है. केंद्र सरकार द्वारा मदरसों के लिए करीब 6 हज़ार करोड़ का बजट दिया गया है लेकिन इतने बड़े उत्तर बंगाल के विकास के लिए बंगाल सरकार पर्याप्त बजट नहीं देती. टीएमसी सिर्फ अपने खास वोट बैंक के तुष्टिकरण में ही लगी हुई है.'
आपदा और प्रशासन पर आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जब उत्तर बंगाल के अनेक जिलों में भारी बारिश से तबाही फैली, हर तरफ हाहाकार था, तब टीएमसी की निर्मम सरकार कोलकाता में जश्न मना रही थी. टीएमसी उत्तर बंगाल, आदिवासी, चाय बागान और महिला व युवा विरोधी पार्टी है. बंगाल की जनता टीएमसी सरकार से पल-पल का, पाई-पाई का हिसाब मांग रही है. टीएमसी वालों कान खोलकर सुन लो 4 मई के बाद भाजपा सरकार बनेगी और टीएमसी वालों को 15 साल का पल-पल का, पाई-पाई का हिसाब देना पड़ेगा.'
Advertisement
सिलीगुड़ी कॉरिडोर और सुरक्षा का मुद्दा
उन्होंने कहा, 'हमारा सिलीगुड़ी भारत की सुरक्षा का भी प्रमुख द्वार है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर सिर्फ शब्द नहीं है, मां भारती की भुजा है. आप याद रखना टीएमसी ने तुष्टिकरण के लिए वोटबैंक को खुश करने के लिए क्या किया था. उत्तर बंगाल और देश की सुरक्षा को लेकर टीएमसी की दुर्नीति का एक और सबूत मैं यहां देना चाहता हूं. देश में एक टुकड़े-टुकड़े गैंग है और इस गैंग ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी. नॉर्थ-ईस्ट को देश से अलग करने की बात कही थी। तुष्टिकरण से भरी ये टीएमसी ऐसे लोगों को सड़क से लेकर संसद तक समर्थन देती है. ये ही टीएमसी का असली चेहरा है.'
चाय बागान और श्रमिकों की स्थिति
Advertisement
उन्होंने कहा,'दार्जिलिंग सहित उत्तर बंगाल का एक बड़ा हिस्सा, ये पूरा इलाका चाय की पैदावार करने वाला क्षेत्र है. आपकी चाय का स्वाद मुझसे भला कौन जान सकता है. हालांकि आप देख रहे हैं कि टीएमसी की निर्मम सरकार चाय बागानों को भी बर्बाद कर रही है. आपके पड़ोस में असम है, वहां की भाजपा सरकार ने चाय बागानों में अनेक सुविधाएं विकसित की है. टी गार्डन के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर बहुत बड़ा काम हुआ है, वहां चाय बागान के श्रमिकों को भूमि के पट्टे दिए जा रहे हैं.'
बीजेपी के विकास संकल्प
बंगाल भाजपा ने यहां भी टी गार्डन के परिवारों के लिए अनेक संकल्प लिए हैं. श्रमिक परिवारों को भूमि के पट्टे देने हों, पक्के घर, नल से जल, बिजली, पानी और रोजगार की सुविधाएं देनी हो, यानी श्रमिकों की कमाई, पढ़ाई, दवाई और हर चीज पर यहां बनने वाली भाजपा सरकार काम करेगी. उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि बंगाल के बच्चों को खेल में भाग लेने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर मिलें. इसीलिए बंगाल भाजपा ने उत्तरी बंगाल में एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना की घोषणा की है. हालांकि, टीएमसी सरकार युवा महिलाओं की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा रही है. उन्होंने राज्यभर में अभिभावकों और महिलाओं के बीच भय का माहौल बना दिया है.'
Advertisement
महिलाओं के आत्मविश्वास पर जोर
पीएम मोदी ने कहा, बीजेपी बंगाल की हर बेटी में ऐसा ही आत्मविश्वास देखना चाहती है. इसलिए बीजेपी सरकार खेलो इंडिया और ओलंपिक पोडियम योजना चला रही है ताकि घर और गांव के पास ही अच्छा स्टेडियम और अच्छी ट्रेनिंग सुविधा हो. हम चाहते हैं कि बंगाल के बेटे-बेटियां भी खूब खेलें, खूब खिलें. इसलिए बंगाल बीजेपी ने उत्तर बंगाल में एक स्पोर्ट यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की है. टीएमसी यहां 15 साल से इसलिए है, क्योंकि उसने भय का सम्राज्य बनाया है. अब इस भय को हटाना है और बंगाल में भरोसा लाना है। ये काम बीजेपी ही कर सकती है.
आदिवासी विकास पर केंद्र सरकार का फोकस
Advertisement
यह भी पढ़ें
उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार लगभग एक लाख करोड़ की दो प्रमुख योजनाएं लागू कर रही है. इन पहलों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण, स्वच्छ जल की उपलब्धता और स्कूलों एवं अस्पतालों के निर्माण के माध्यम से बुनियादी ढांचे में सुधार करना है. हालांकि, इन प्रयासों में टीएमसी सरकार बाधा डाल रही है, जो आदिवासी गांवों के विकास में रुकावट पैदा कर रही है.