UP Budget 2026: मोबाइल निर्माण में UP नंबर वन, 65% प्रोडक्शन के साथ बनाया रिकॉर्ड
UP Budget 2026: यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल निर्माण बढ़ने से प्रदेश में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं. सरकार का दावा है कि उसके पिछले और मौजूदा कार्यकाल में हर क्षेत्र में विकास हुआ है और उद्योगों को बढ़ावा मिला है.
Follow Us:
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है.बजट भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि आज देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन में से करीब 65 फीसदी मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बनाए जा रहे हैं. यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल निर्माण बढ़ने से प्रदेश में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं. सरकार का दावा है कि उसके पिछले और मौजूदा कार्यकाल में हर क्षेत्र में विकास हुआ है और उद्योगों को बढ़ावा मिला है.
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में तेज बढ़ोतरी
सरकार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का निर्यात बहुत तेजी से बढ़ा है. साल 2017 में यह आंकड़ा 3,862 करोड़ रुपये था. अब 2024-25 में यह बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसी तरह आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) का निर्यात भी काफी बढ़ा है.पहले यह 55,711 करोड़ रुपये था, जो अब 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. सरकार का कहना है कि उद्योगों के लिए बनाई गई नई नीतियों के कारण यह तेजी आई है.
मोबाइल उत्पादन बढ़ाने के लिए नई नीतियां
राज्य सरकार ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति को मंजूरी दी गई है. इस नीति के तहत मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान में लगने वाले 11 बड़े कलपुर्जों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे लाखों लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.
निवेशक सम्मेलन और नए प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश में हुए निवेशक सम्मेलन के दौरान आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में लगभग 42 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है. सरकार अब राजधानी लखनऊ के नादरगंज इलाके में एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए जमीन भी अधिग्रहित की जा चुकी है. इसके अलावा मेरठ, आगरा, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और बरेली में नए आईटी पार्क खोलने की योजना है.
विदेशी कंपनियों का निवेश
सरकार को उम्मीद है कि चीन और ताइवान की कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में निवेश करेंगी. बताया जा रहा है कि ये कंपनियां करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती हैं. नोएडा के टेगना क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों को एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिल सकें.
रोजगार और विकास की उम्मीद
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से उत्तर प्रदेश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के बढ़ने से युवाओं को अपने ही राज्य में नौकरी मिलेगी. साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी सरकार इस बजट को विकास और रोजगार बढ़ाने वाला बजट बता रही है.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement