यूपी बजट 2026-27: आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 2059 करोड़, 76% की बढ़ोतरी के साथ एआई पर बड़ा दांव

साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है. साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपए की नई योजना प्रस्तावित की गई है. डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है. मु

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11 Feb 2026
( Updated: 11 Feb 2026
03:50 PM )
यूपी बजट 2026-27: आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 2059 करोड़, 76% की बढ़ोतरी के साथ एआई पर बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बड़ा भरोसा जताया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित किया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा.

एआई मिशन की शुरुआत, 225 करोड़ का प्रावधान

बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी गई है. प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी. प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है. सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है.

साइबर सुरक्षा को भी मजबूती

साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है. साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपए की नई योजना प्रस्तावित की गई है. डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एआई प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है. इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और 'वन एम वन बी' जैसी वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही हैं. किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों व राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक को जमीनी स्तर तक उतारना है.

एआई प्रज्ञा कार्यक्रम से जमीनी स्तर तक प्रशिक्षण

डाटा सेंटर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं. इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 21,342 करोड़ रुपए का निवेश और 644 मेगावाट क्षमता अर्जित की जा चुकी है.

डाटा सेंटर हब बनने की ओर बढ़ता यूपी

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है. उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है. भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं. प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.

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उद्योग और तकनीक में बढ़ते निवेश तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा प्राप्त हुआ है. बजट में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर 76 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर करेगा.

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