योगी सरकार में परिवार की बंदिशें टूटीं, लखनऊ की कई बेटियों ने हासिल किया मुकाम
लखनऊ की एक अन्य 31 वर्षीय महिला ने शिकायत की कि पति उसे बंधक बनाकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना दे रहा है. वन स्टॉप सेंटर की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित निकाला. सेंटर में 12 दिन के अस्थायी आश्रय के दौरान काउंसलिंग की गई.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को मजबूत करने के लिए संचालित वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को सुरक्षा, परामर्श और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं. लखनऊ की तीन महिलाओं की कहानियां इस पहल के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती हैं. पारिवारिक बंदिशों से जूझ रही एक युवती ने काउंसलिंग के बाद पढ़ाई जारी रखी और आज उच्च पद पर सेवाएं देकर जिम्मेदारी निभा रही है. वहीं, शोषण की शिकार एक बालिका ने मुश्किलों से उबरकर प्रतिष्ठित होटल में नौकरी हासिल की. घरेलू प्रताड़ना से प्रभावित एक अन्य महिला भी शिक्षा और रोजगार के सहारे आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रही है.
काउंसलिंग से बदली परिवार की सोच
महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि लखनऊ की 31 वर्षीय युवती ने वन स्टॉप सेंटर को ईमेल भेजकर जानकारी दी कि परिजन उन्हें उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से रोक रहे हैं. पारिवारिक तनाव के बीच सेंटर की टीम ने उनके घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की. इसके बाद सुरक्षित और गोपनीय माहौल में काउंसलिंग कराई गई. टीम के समझाने पर परिवार ने युवती को पढ़ाई जारी रखने की स्वतंत्रता दी. वन स्टॉप सेंटर पर काउंसलिंग से युवती को मुश्किल परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़ने का हौसला मिला. उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और प्रतिष्ठित पद पर सेवाएं देकर नई मिसाल पेश कर रही है.
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शोषण से निकलकर होटल में बनाई पहचान
लखनऊ की एक बालिका ने 16 वर्ष की उम्र में वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर बचपन से हो रहे पारिवारिक शोषण की जानकारी दी. सेंटर ने उसे काउंसलिंग और संरक्षण उपलब्ध कराने के साथ कानूनी कार्रवाई में सहयोग किया. बाल कल्याण समिति के आदेश पर उसे राजकीय संरक्षण में रखा गया और शिक्षा जारी रही. 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद उसे बेंगलुरु के इको संस्थान में होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिलाया गया. आज वह लखनऊ के होटल में नौकरी कर रही है.
घरेलू प्रताड़ना से मुक्ति, अब पढ़ाई और नौकरी
लखनऊ की एक अन्य 31 वर्षीय महिला ने शिकायत की कि पति उसे बंधक बनाकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना दे रहा है. वन स्टॉप सेंटर की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित निकाला. सेंटर में 12 दिन के अस्थायी आश्रय के दौरान काउंसलिंग की गई. महिला को उसका विवाह संबंधी सामान वापस दिलाने और सुरक्षित मायके पहुंचाने में भी मदद मिली. अब वह स्वतंत्र रूप से रहकर पढ़ाई और नौकरी कर रही है.
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प्रदेश के 75 जिलों में 124 केंद्र, 3.18 लाख मामलों में मदद
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महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित वन स्टॉप सेंटर योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 124 केंद्र संचालित हैं. इनके माध्यम से अब तक करीब 3,18,500 मामलों में महिलाओं और बालिकाओं को सहायता दी गई है. केंद्रों पर अस्थायी आश्रय, चिकित्सकीय सहायता, परामर्श, विधिक मदद और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है.