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दो को प्रमोशन, 6 नए चेहरों को मौका... UP में योगी कैबिनेट का विस्तार, जानें कौन बना मंत्री
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने कैबिनेट विस्तार किया है. लखनऊ में हुए शपथ समारोह में 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जबकि 2 मंत्रियों को प्रमोशन मिला है. बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है.
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम माना गया. पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने और बिहार में कैबिनेट विस्तार के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी चुनावी हलचल तेज होती दिखाई दी. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यानाथ सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. राजधानी लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई.
योगी कैबिनेट में शामिल हुए नए चेहरे
इस बार योगी कैबिनेट में कुल 6 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि 2 मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया. बीजेपी नेतृत्व ने इस विस्तार के जरिए साफ संकेत दिया है कि पार्टी अब चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुकी है. माना जा रहा है कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
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किन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
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कैबिनेट विस्तार में भूपेन्द्र चौधरी और मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. वहीं सोमेंद्र तोमर और अजित पाल को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है.
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर बीजेपी का फोकस
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राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी ने इस बार पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई है. साथ ही जातीय समीकरणों को साधने की भी कोशिश साफ दिखाई दे रही है. पार्टी अलग-अलग वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए नए चेहरों पर दांव खेलती नजर आ रही है.
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जानकारी देते चलें कि फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में कुल 54 मंत्री हैं। इनमें 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं. विधानसभा की 403 सीटों के हिसाब से राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में लंबे समय से खाली पड़े छह पद अब भर दिए गए हैं. अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि योगी सरकार का यह कदम आने वाले विधानसभा चुनाव में कितना असर डालता है. माना जा रहा है कि बीजेपी ने चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अपनी तैयारी को तेज कर दिया है.