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‘जो मुकाबला नहीं कर पाए, अफवाहों के जरिए अराजकता-अव्यवस्था फैला रहे’, CM योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं. कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया, वे मुकाबला नहीं कर पाने की स्थिति में अफवाह-अराजकता के जरिए अव्यवस्था फैला रहे हैं. ऐसे में हमें मिलकर कार्य करना है और अव्यवस्था व अराजकता को नहीं फैलने देना है. हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में मजबूती से कार्य करना है, क्योंकि देश सुरक्षित तो सनातन सुरक्षित और सुनातन सुरक्षित तो देश सुरक्षित होगा. दोनों को अलग करके नहीं रखा जा सकता.

‘देश के नेतृत्व का जो भी आदेश होगा, हम सब उसका पालन करेंगे’

मुख्यमंत्री ने दुनिया के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है. इससे दुनिया में आर्थिक अराजकता होगी, लेकिन भारत किसानों के पुरुषार्थ और देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्गदर्शन में सीना तानकर विकास की यात्रा को बढ़ा रहा है. 145 करोड़ देशवासी एकजुट होकर नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के नेतृत्व का जो भी आदेश होगा, हम सब उसका पालन करेंगे. दुनिया जब अराजकता-अव्यवस्था से त्रस्त है, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है.

सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव में ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने यहां पूजन-अर्चन किया और ब्रह्मलीन संतों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सफल आयोजन के लिए सौंगल के पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम में शेरनाथ जी को पीर की पदवी दी गई. 

पहले की सरकारों को वोटबैंक व तुष्टिकरण से नहीं थी फुर्सत

सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन-सहयोग करें और जो लोग देशविरोधी-धर्मविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारना, दुत्कारना और बाहर का रास्ता दिखाना है. भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन के प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं. 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था. दिन-वर्ष बीतते गए, हिंदू संघर्ष करता गया, लेकिन कोई बात सुनने वाला नहीं था. जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की पहल को नई ऊंचाइयां प्राप्त हुई. आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्यतम मंदिर बनकर तैयार हो गया. आजादी के बाद अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें वोटबैंक और तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं थीं. केंद्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार बनी तो राम मंदिर का निर्माण हो गया. यूपी और देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली. 

सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी

सीएम ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल में महालोक, उत्तराखंड में केदारपुरी और बद्रीनाथ पुरी में भव्य धाम का निर्माण, यह तब हुआ जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें हैं. सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी. आजादी के बाद कश्मीर व नक्सलवाद की समस्या उन्हीं लोगों ने दी, जिन्होंने तुष्टिकरण के नाम पर देश को बांटा. जब देश में जनचेतना जागरूक हुई तो जिन लोगों ने सनातन व देश के प्रति अन्याय किया था, देशवासियों ने उन्हें अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया. जनता जिस रूप में देश को लेकर चलना चाहती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वैसा ही काम हो रहा है. 

जिन लोगों ने विश्वास खो दिया, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे 

विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं. कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं. वे जीतते हैं तो उनकी उपलब्धि और हार गए तो संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाते हैं. कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप नहीं चलेगा. जो लोग सनातन विरोधी आचरण करते हुए भारत को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं, जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी. भारत की आन, बान, शान से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी.

भारत में नशे को बढ़ाने की साजिश कर रहा पाकिस्तान 

सीएम ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना चाहिए. दुश्मन हमेशा हमारी कमजोरी देखने की फिराक में रहता है. पाकिस्तान भारत में शरारत के तहत नशे को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है. सीएम ने धर्मसभा में आह्वान किया कि युवा पीढ़ी और समाज को जागरूक करें, नशे के खिलाफ अभियान चलाएं, नशा नाश का कारण है, इसलिए नशे के खिलाफ किया गया कार्य देश की सेवा है.  नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, वे देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं, इन्हें पनपने नहीं देना चाहिए. भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा से परिपूर्ण है. जब भी उसे अवसर मिला, उसने देश-दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. नशे के सौदागरों को युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए. धर्मसभाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करना चाहिए. 

संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी सनातन की ध्वज पताका

सीएम योगी ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने सभी के सहयोग से गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस आयोजन का साहसिक निर्णय लिया. कई दशकों के बाद सौंगल में संतों-योगेश्वरों व भक्तों का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ. इस भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है. अच्छाइयों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं. सीएम योगी ने सिकंदर के अहंकार के पतन और सिद्ध योगी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारत की सिद्ध संतों व संन्यासियों की परंपरा ने सदैव सदाचार, कर्तव्य व राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी. समाज व राष्ट्र के लिए खुद को समर्पित किया, इसीलिए भारत के संन्यासी के प्रति सभी के मन में आदर का भाव रहता है. यही आदर का भाव जीवन की ताकत है. श्रद्धा व समर्पण का भाव हमें विनम्र, संस्कारित बनाता है और कर्तव्य बोध कराता है. पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और समाज-राष्ट्र के लिए कुछ करने वालों के प्रति आभार प्रकट करने की प्रेरणा प्रदान करता है.

पंजाब और हरियाणा की भूमि ने सिद्ध संतों-योगेश्वरों की परंपरा को आगे बढ़ाया 

सीएम योगी ने कहा कि पंजाब-हरियाणा वीर-भक्ति भूमि रही है. इस भूमि ने सिद्ध संतों-योगेश्वरों की लंबी परंपरा को आगे बढ़ाया है. उस परंपरा ने ही सुरक्षा का ऐसा अभेद्य दुर्ग खड़ा किया, जिससे कोई विदेशी आक्रांता आसानी से भारत में घुसने का दुस्साहस नहीं कर पाया. संत शक्ति जागरूक हो और ईमानदारी से धर्म व सत्य के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र चेतना को जागरूक करती रहे तो कोई ताकत भारत व सनातन धर्मावलंबियों का बाल-बांका नहीं कर सकती है. 

धर्मस्थल केवल पूजा और आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के भी केंद्र हैं

सीएम योगी ने कहा कि धर्मस्थल केवल पूजा का स्थान और आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्र की चेतना के भी केंद्र हैं. यह आस्था के साथ समरसता के भी केंद्र बनें. बिना भेदभाव हर व्यक्ति को आस्था को प्रकट करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए. जब जाति, आपसी मतभेद, एक-दूसरे को नीचा करने की दुष्प्रवृत्ति हावी हो रही थी, तब देश कमजोर हुआ. विदेशी आक्रांताओं ने धर्मस्थलों को नष्ट किया, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ किया.आज देश स्वतंत्र है. हम सभी को नए भारत पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए. भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है. आज इतनी बड़ी धर्मसभा में हम सभी एकजुट होकर सुरक्षित वातावरण में कार्य कर रहे हैं. सीएम ने सनातन की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के सहयोग के बिना ही अपने दम पर गांव के लोग बड़े से बड़ा आयोजन करते हैं. हम सौंगल (कैथल) में इतना बड़ा आयोजन कर रहे हैं, लेकिन दुनिया में ऐसा अन्य कहीं संभव नहीं हो सकता.
 
इस अवसर पर आयोजक महंत शेरनाथ जी महाराज ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में महंत पीर बाबा बालकनाथ (विधायक), महंत राजनाथ जी महाराज, महंत हरिनाथ जी महाराज, महंत पूर्णनाथ जी महाराज, महंत लहरनाथ जी महाराज, महंत जिताई नाथ जी महाराज, महंत कृष्णनाथ जी महाराज, महंत समुद्रनाथ जी महाराज, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर आदि मौजूद रहे. 

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