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जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर जिस जवान ने संदिग्ध को पकड़ा, उसे अब मिला बड़ा ईनाम, कौन हैं बहादुर ऑफिसर अभिषेक वर्मा?
दशहरे से पहले दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक संदिग्ध को पकड़ा गया था. जिसका नाम मोहम्मद शोएब आलम बताया गया.
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दशहरे के बीच दिल्ली में जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन से संदिग्ध को पकड़ने वाले CISF जवान को अब सम्मानित किया गया है. संदिग्ध सामान के साथ पकड़ने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अभिषेक वर्मा को 'महानिदेशक प्रशंसा प्रमाण पत्र' और 10,000 रुपये का नकद इनाम दिया गया है.
उन्होंने दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर ऐसे शख्स को पकड़ा. जिसके पास संदिग्ध सामान था और वो चेकिंग के बाद भागने की कोशिश कर रहा था. अभिषेक वर्मा ने शख्स को दौड़कर पकड़ा और बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम की.
कौन हैं अभिषेक वर्मा?
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अभिषेक वर्मा 29 मई 2018 में CISF में भर्ती हुए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के रहने वाले हैं और मौजूदा वक्त में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) में CISF यूनिट के साथ तैनात हैं. अभिषेक वर्मा CISF में 8 साल से सेवा दे रहे हैं.
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Abhishek Verma of the Central Industrial Security Force (CISF) has been awarded the Director General's Commendation Certificate and a cash reward of Rs 10,000 for chasing down and stopping a passenger who tried to flee with suspicious baggage at Jama Masjid Metro Station, Delhi on 17 October 2026. He is from West Karbi Anglong district in Assam and is posted with the CISF Unit, Delhi Metro Rail Corporation (DMRC). Verma joined the CISF through direct recruitment on May 29, 2018 and has more than eight years of service with the force: CISF
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 23, 2026
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर क्या हुआ था?
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दरअसल, दशहरे से पहले दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक संदिग्ध को पकड़ा गया था. जिसका नाम मोहम्मद शोएब आलम बताया गया. जैसे ही वह जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पहुंचा, उसने चेकिंग के लिए अपना बैग बैगेज स्क्रीनिंग के लिए दिया. सिस्टम की स्क्रीन पर संदिग्ध सामान दिखने के बाद शख्स को हिरासत में ले लिया गया. इससे पहले जैसे ही स्क्रीन पर संदिग्ध सामान दिखाई दिया, शख्स भागने की कोशिश करने लगा. लेकिन CISF के सतर्क जवानों ने उसे एग्जिट गेट से दबोच लिया. इनमें से CISF जवान अभिषेक वर्मा थे, जिन्होंने दौड़कर शोएब को पकड़ा.
बताया जा रहा है शोएब के बैग में लगभग 155 ग्राम गोल्डन पाउडर जैसी संदिग्ध चीज मिली. जो वह बैग में रखे अंडरगारमेंट के अंदर छुपाकर रखी थी. पूछताछ में शोएब ने खुद को NRI बताया था. शुरुआत में अधिकारियों को वह संदिग्ध सामान नशीला और विस्फोटक लगा, हालांकि बाद में पता चला कि वह सोने (Gold) का पाउडर था, लेकिन वह इसे चोरी करके लाया था, या खरीदा था, या इससे जुड़ा अन्य कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाया. इसके बाद उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.
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यह मामला इसलिए गंभीर हो जाता है क्योंकि जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन बेहद सेंसिंटिव जोन है. पिछले साल यहीं पर ब्लास्ट हुआ था. जिसके कनेक्शन टेरर नेटवर्क से था. ऐसे में CISF के जवान की तत्परता और सतर्कता दर्शाती है कि ऐसे खतरों और देश की सुरक्षा को लेकर वे कितना सचेत हैं.