Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'सनातन धर्म और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले होंगे रावण की तरह धराशायी...', टुकड़े-टुकड़े गैंग को CM योगी की वॉर्निंग

प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह में सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं, लेकिन भारत में सनातन की छाया में सबको सुरक्षा मिल रही है.

Image Source: UPPRD
Loading Ad...

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा देने के साथ बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोगों के अंदर रावण की आत्मा आ गई है. जिन लोगों को भारत की एकता और मजबूती से परेशानी है, वही लोग आज भारत के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं. ये ताकतें भारत के अंदर भी हैं और भारत के बाहर से भी प्रायोजित हैं.

जब भारत मजबूत होता है, तब मिलता है मोदी जी जैसा यशस्वी नेतृत्व

सीएम योगी मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की तरफ से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों की साजिश से जब भारत कमजोर होता है, तब कोई राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि या काशी विश्वनाथ का मंदिर अपमानित होता है. जब भारत कमजोर होता है, तब कोई सोमनाथ का मंदिर तोड़ा जाता है, लूटा जाता है, नारी गरिमा तार-तार होती है. इसके इतर जब भारत मजबूत होता है, एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी जैसा यशस्वी नेतृत्व प्राप्त होता है, भारत 500 वर्ष पहले तोड़ी गई गरिमा को वापस पाने में समर्थ होता है और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण भी होता है. 

Loading Ad...

Loading Ad...

'बांटने वालों को कैसे बर्दाश्त होगा राम मंदिर'

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उन लोगों को अयोध्याधाम में त्रेतायुग का स्मरण, भव्य दीपोत्सव, प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण कैसे बर्दाश्त होगा? यही कारण है कि ऐसे लोग लगातार दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं कि अयोध्या को कैसे अपमानित किया जाए. अयोध्या के बारे में वे लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं, जिन लोगों ने अभी तक अयोध्या में रामलला के दर्शन भी नहीं किए. जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर अत्याचार की पराकाष्ठा की थी, आज वे कालनेमि की तरह राम-राम चिल्ला रहे हैं. राम-राम की चिल्लाहट कालनेमि भी करता था. बजरंगबली की तरह आपको भी आज के कालनेमियों को पहचानना होगा.

Loading Ad...

'देश है तो धर्म है और धर्म से हम सब'

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको याद करना होगा कि देश है तो धर्म है. धर्म है तो हम सब भी हैं. ​कोई व्यक्ति, कोई समाज, कोई जाति, तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि भारत सुरक्षित नहीं है. जब तक सनातन सुरक्षित नहीं है, तब तक कोई सुरक्षित नहीं है. किसी को गलतफहमी हो तो वह देख ले कि दुनिया में मुसलमान-मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं. उनके बीच शिया-सुन्नी विवाद होता है. कहीं कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट आपस में लड़ रहे हैं तो कहीं क्रिश्चियन-क्रिश्चियन आपस में लड़ रहे हैं. और, जहां आपस में नहीं लड़ रहे हैं, वहां पर इस्लाम की लड़ाई क्रिश्चियनिटी से है. कम्युनिज्म की लड़ाई क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है. आपस में ही द्वंद्व चल रहा है.

Loading Ad...

'सनातन के साये में सबको सुरक्षा और समृद्धि'

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में आपसी द्वंद्व के बीच अकेले भारत है जो मजबूती के साथ सनातन के साए में हर जाति, हर संप्रदाय, हर मत, हर मजहब को सुरक्षा दे रहा है और बिना भेदभाव सबको समृद्धि के पथ पर अग्रसर कर रहा है. यही 'सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः’ की भारतीय ऋषि परंपरा है, जिसको सरल भाषा में प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा है, 'सबका साथ, सबका विकास.'

'रावण के दस सिरों के प्रतीक समझाए'

Loading Ad...

मुख्यमंत्री ने रावण के 10 सिरों के प्रतीकों को भी समझाया. उन्होंने कहा कि ये दस सिर अधर्म, असत्य, अन्याय, अत्याचार, अमर्यादा, भ्रष्टाचार, दुराचार, भ्रम, दुष्प्रचार और नशे के प्रतीक हैं. जिस तरह प्रभु राम ने रावण का अंत कर रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया था, उसी तरह हमें समाज के विकास और राष्ट्र की एकता में बाधक कुप्रवृत्तियों का मजबूती के साथ डटकर विरोध करना होगा.

'सत्ता नहीं, संकल्प से राम मंदिर का निर्माण'

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया के अंदर अन्यायियों, अत्याचारियों और आक्रमणकारियों ने अनेक सभ्यताओं और संस्कृतियों को नष्ट किया होगा. उपासना विधियों को ध्वस्त किया होगा. पर वे वापस नहीं हो पाईं. वे लुप्त हो गईं, नष्ट हो गईं. इतिहास में उनका मात्र नाम लिया जाता है, कोई उनके लिए आवाज उठाने वाला नहीं है. आज से 500 वर्ष पहले मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि भी उसी अन्याय, अत्याचार, अधर्म का शिकार बनी थी. पर, प्रभु राम की जीवंतता, उनकी मर्यादा, उनके वचन और कर्म की साम्यता भारत के सनातनधर्मियों को चैन से नहीं बैठने देती थी. राम मंदिर आंदोलन के दौरान रामभक्तों के पास सत्ता नहीं, संकल्प था. रामभक्तों ने कठिनाइयों के बावजूद मंदिर निर्माण का विश्वास बनाए रखा. सनातन समाज की एकजुटता ने इस संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हम सब हनुमान जी के संकल्प ‘राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम’ के जरिए समाज और राष्ट्र के हित में अपने दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध रहें.

Loading Ad...

'नशे के खिलाफ समाज भी निभाए जिम्मेदारी'

मुख्यमंत्री ने नशे को समाज और युवा पीढ़ी के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. सरकार नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है और उनकी संपत्तियां जब्त करने सहित कठोर कदम उठा रही है, लेकिन समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी. युवा पीढ़ी का जीवन बर्बाद करने वाली गतिविधियों को अपने आसपास पनपने नहीं देना चाहिए. परिवार, मोहल्ले और समाज के स्तर पर नशे के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है. रावण के प्रतीकात्मक वध के साथ समाज को उन बुराइयों के विरुद्ध भी संकल्प लेना चाहिए, जो नई पीढ़ी और सामाजिक जीवन को नुकसान पहुंचा रही हैं. नशे के खिलाफ संघर्ष सनातन धर्म की रक्षा और समाज के कल्याण का हिस्सा है, जिसमें हर नागरिक को सहभागी बनना होगा. दुष्प्रचार करने वाले, समाज में भ्रम पैदा करने वाले और नशे के माध्यम से युवाओं को बर्बाद करने वाले तत्वों के खिलाफ युवाओं, नारी शक्ति और पूरे समाज को एकजुट होना होगा.

Loading Ad...

सामाजिक समरसता का आदर्श हैं रामलीलाएं

सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, संकल्प और मन-वचन-कर्म की एकरूपता का संदेश देता है. रामलीलाएं भी श्रीराम के जीवन का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ सामाजिक समरसता का आदर्श प्रस्तुत करती हैं. समाज को जोड़ने और समरसता का संदेश देने का काम करती हैं. गांवों में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, दशरथ, कौशल्या, कैकेयी, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, जामवंत, शबरी और निषादराज जैसे पात्रों की भूमिका स्थानीय लोग निभाते हैं. इस प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आते हैं और सामूहिक रूप से परंपरा का निर्वहन करते हैं. रामलीला में किसी पात्र की जाति नहीं पूछी जाती. उसके कार्य, संवाद और समाज के प्रति योगदान को महत्व दिया जाता है. यह परंपरा समानता, एकता और सामाजिक समरसता का आदर्श प्रस्तुत करती है. उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजन के बजाय राष्ट्रहित और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. 

Loading Ad...

परिवार के लिए समय निकालें, परंपराओं को समझें

मुख्यमंत्री ने अपील की कि आधुनिक जीवनशैली में परिवार के लिए भी समय निकालें. कहा कि एक ही घर में रहने के बावजूद कई बार परिवार के सदस्य सोशल मीडिया और अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं. लोगों को परिवार के साथ समय बिताने, धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों की जीवनियों को पढ़ने तथा अपनी परंपराओं से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए. कैलाश मानसरोवर, बदरीनाथ, केदारनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम और धनुषकोटि जैसे देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करनी चाहिए. ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर जाकर वहां की परंपराओं को समझने से नई प्रेरणा मिलती है. इसका लाभ बच्चों को भी मिलता है और वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से जान पाते हैं.

Loading Ad...

रामराज्य की अवधारणा पर आधारित हैं सरकार की योजनाएं

सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की योजनाओं को रामराज्य की अवधारणा पर आधारित बताते हुए कहा कि सरकार ने इसे आदर्श शासन की प्रेरणा के रूप में स्वीकार किया है. इसका उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है, जहां किसी को दुख और दरिद्रता का सामना न करना पड़े, हर व्यक्ति को सम्मान मिले और अन्याय-अत्याचार के लिए कोई जगह न हो. सीएम योगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस कनेक्शन और प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंदों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है. प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है. गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान है. रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. डिजिटल इंडिया और डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचाने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है. नारी गरिमा और सुरक्षा शासन की प्राथमिकता है. महिलाओं के सम्मान पर आघात करने वालों को जहन्नुम का रास्ता मिलना तय है. 

एकता और राष्ट्रहित के संकल्प से परास्त होंगी अराजक ताकतें

Loading Ad...

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता देश की एकता और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी तो समाज को बांटने और अराजकता फैलाने वाली ताकतों को परास्त किया जा सकेगा. अन्याय करने, नारी गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा सनातन धर्म और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा.

रामलीला समिति ने जताई सीएम योगी के प्रति कृतज्ञता

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए श्री श्री आर्यनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने रामलीला मैदान और मंच को सुरक्षित और संसाधन संपन्न कराने के लिए सीएम योगी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा सदियों से धर्म और राष्ट्र की रक्षा करती आई है. इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन, उपाध्यक्ष अतुल सराफ, महामंत्री दीपजी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल, उपमंत्री सुधीर जैन, कीर्तिरमण दास, अनुराग गुप्ता, विकास जालान, महेश पोद्दार, शोभित मोहन दास, गिरिजा शंकर जायसवाल, बृजेश मणि मिश्रा, नवोदित त्रिपाठी, श्रीराम शर्मा निमाई जी, समरेंदु कुमार सिंह, शाश्वत अग्रवाल, मनीष जैन, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...