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बारिश, भीड़ और मौत का मातम... कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 19 की मौत, कई घायल; CM सुवेंदु ने दिए जांच के आदेश
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भीड़ के दबाव के बीच एक हिस्सा ढहने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. हादसे में 19 लोगों की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. घटना के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने दुख जताया है.
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शारदीय नवरात्र में यूं तो पूरे देश में मां आदिशक्ति की पूजा-अर्चना होती है, लेकिन पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां नवरात्र केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसे एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है. पूरे राज्य में भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल बनाए जाते हैं. हालांकि, इस बार सप्तमी का दिन कोलकाता वासियों के लिए दर्दनाक साबित हुआ. उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल में भारी भीड़ के दबाव के बीच पंडाल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
पंडाल का हिस्सा ढहने से मची अफरा-तफरी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे बारिश शुरू होने के बाद पूजा पंडाल में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई. संकरे प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ने के बीच पंडाल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई. हादसे के बाद चोरबागान पूजा समिति के महासचिव समेत पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की खबर भी सामने आई है. इस दर्दनाक घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं ने दुख जताया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
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The stampede in Kolkata is saddening. Condolences to the bereaved families. Wishing the injured a speedy recovery. The West Bengal Government is providing all possible help to the affected families.
— Narendra Modi (@narendramodi) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 17, 2026Advertisement
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हादसे की जांच में जुटी पुलिस
कोलकाता पंडाल हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है. जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि पूजा पंडाल में लोगों के आने-जाने के रास्ते, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं. घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन घटनास्थल पर लोगों की आवाजाही रोक दी है. वहीं, पुलिस CCTV फुटेज खंगालकर हादसे से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है. आयोजक समिति के सदस्यों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जा सके.
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CM सुवेंदु पहुंचे घटनास्थल
दुर्गा पूजा में भगदड़ की घटना पर पश्चिम बंगाल के सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'अतीत में हुई ऐसी घटनाओं में पिछली सरकार की क्या भूमिका रही है, यह सभी जानते हैं. कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं होगा. मैंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की है, और उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री और सरकार पर पूरा भरोसा है. PMO ने भी मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी थी, जिसे हमने सौंप दिया है. प्रधानमंत्री ने राहत और मुआवजे की घोषणा की है। केंद्र और राज्य सरकारें इस मामले पर मिलकर काम कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा, '2025 में दो और घटनाएं हुईं. पूजा के दौरान, बारिश के बीच करंट लगने से 13 लोगों की जान चली गई. उस समय मुख्यमंत्री की क्या भूमिका थी? क्या उन्होंने किसी पीड़ित परिवार से मुलाकात की? उत्तर बंगाल में अचानक भयानक बाढ़ आ गई; दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर नागराकाटा तक 100 लोगों की मौत हो गई..'
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#WATCH | Kolkata's Chorbagan Sarbojanin Durga Puja stampede incident | West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "Everyone is well aware of the role of the previous government in similar incidents that occurred in the past. Some are attempting to politicize this, but it will be to no avail. I have met with the families of the deceased, and they have explicitly stated that they have full faith in the Chief Minister and the government... The PMO also requested a report from the Chief Secretary, which we have submitted. The Prime Minister has announced relief and compensation. The central and state governments are working together on this..." He also says, "In 2025, two more incidents occurred—during the Puja season, 13 people lost their lives due to electrocution amidst the rains. What was the Chief Minister’s role? Did she visit any of the affected families? A sudden, devastating flood struck North Bengal; 100 people perished, from the hills of Darjeeling to Nagrakata..."
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 17, 2026
केंद्र और राज्य सरकार ने किया मदद के ऐलान
कोलकाता पंडाल हादसे के पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है. घोषणा के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही गई है. वहीं, घायलों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा भी की गई है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किए जाने की जानकारी सामने आई है.
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चश्मदीदों ने बयां किए हादसे के हालात
हादसे के समय घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची अफरा-तफरी के बारे में बताया. एक महिला चश्मदीद के मुताबिक, पंडाल में लगे माइक से लगातार लोगों को निर्देश दिए जा रहे थे. श्रद्धालुओं से व्यवस्थित तरीके से अंदर जाने और ज्यादा झुकने से बचने की अपील की जा रही थी. महिला ने बताया कि लोगों को यह चेतावनी भी दी जा रही थी कि अव्यवस्था बढ़ने पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. चश्मदीदों के इन बयानों से हादसे के समय पंडाल में भीड़ और लोगों को नियंत्रित करने की चुनौती का अंदाजा मिलता है.
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बताते चलें कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ यह हादसा भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे की असली वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. अब सबकी नजरें जांच के नतीजों पर हैं, ताकि इस दर्दनाक घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें.