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इंदौर-देवास में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान के ठिकानों पर छापेमारी, 6.26 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने सुबह छह 6 बजे एक हेड कॉन्स्टेबल के देवास और इंदौर में स्थित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग अभियान चलाया.

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14 Oct 2026
( Updated: 14 Oct 2026
12:22 PM )
इंदौर-देवास में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान के ठिकानों पर छापेमारी, 6.26 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
Image Credit: IANS
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मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज (पीटीसी) में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंदौर और देवास में 15 जगहों पर छापेमारी की. प्रारंभिक जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला है. 

इंदौर के हेड कॉन्स्टेबल के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी

ड्राइवर के पद पर काम करने वाले फिरोज खान के खिलाफ यह कार्रवाई सुबह 6 बजे शुरू हुई. इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त कार्यालयों की संयुक्त टीमों ने देवास में 11 और इंदौर में 4 जगहों पर तलाशी ली, जिनमें मकान, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं.

लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि खान की वेतन से आय लगभग 75 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि अन्य स्रोतों सहित उसकी कुल आय लगभग 1.93 करोड़ रुपए आंकी गई है.

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6.26 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

राजेश सहाय ने संवाददाताओं से कहा, "प्रारंभिक जांच में लगभग 6.26 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है, जो उसकी अनुमानित आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक है."

शिकायत के अनुसार, खान पर आरोप है कि उसने पुलिस विभाग में अपने पद का इस्तेमाल देवास क्षेत्र में भूमि विवादों में हस्तक्षेप करने के लिए किया. उस पर बिचौलियों के माध्यम से संपत्तियों में निवेश करने, परिवार के सदस्यों और एक परिचित के नाम पर संपत्ति खरीदने, कई वाहन रखने और लकड़ी का व्यवसाय चलाने का भी आरोप है.

जांच के दौरान लोकायुक्त को साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम की एक फर्म मिली, जो फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर पंजीकृत है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि फर्म के खाते के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है.

भूमि खरीद में रोशनी वर्मा को बनाया गया आरोपी

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फिरोज खान की परिचित रोशनी वर्मा द्वारा संचालित एक अन्य फर्म रोशनी सेल्स एंड सर्विस भी जांच के दायरे में आई है. भूमि खरीद में कथित भूमिका के लिए वर्मा को मामले में आरोपी बनाया गया है.

जांचकर्ता रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की एक रियल एस्टेट फर्म के माध्यम से खान के निवेश की भी जांच कर रहे हैं.

जांच में इंदौर जिले की सांवेर तहसील के गुरन गांव में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा एक सौदा भी शामिल है. जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के बेटे और उसके पिता के बीच विवाद चल रहा है. खान ने कथित तौर पर विवाद का इस्तेमाल वर्मा के नाम पर जमीन के लिए एक पंजीकृत समझौता कराने के लिए किया.

लोकायुक्त जमीन के स्वामित्व और इसमें शामिल लोगों की कथित भूमिका को स्थापित करने के लिए दस्तावेजों की जांच कर रहा है.

देवास में तलाशी में आदर्श नगर, पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी, इंदिरा गांधी नगर और राधागंज सहित अन्य क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल थीं.

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इंदौर में टीम ने बाणगंगा में वर्मा से जुड़े एक आवास और स्कीम नंबर 94 में मनोरमा अपार्टमेंट और श्रीनगर कॉलोनी में श्रीदेवी अपार्टमेंट में फ्लैटों की तलाशी ली.

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डीएसपी सुनील तलान और दीपक सेजवार देवास में तलाशी की निगरानी कर रहे हैं, जबकि डीएसपी आनंद चौहान और दिनेशचंद्र पटेल इंदौर में अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं.

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