Advertisement
मुर्शिदाबाद में ओवैसी का हमला, बोले- हम ममता बनर्जी से नहीं, सिर्फ अल्लाह से डरते हैं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुर्शिदाबाद में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है.
Advertisement
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि इस बार प्रदेश के मुसलमान मतदाता टीएमसी के जुल्म से आजादी पाने के लिए वोट करेंगे.
असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
मुर्शिदाबाद में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने अपने अंदाज में मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि हमारे पास एक मौका है, जब हम ममता बनर्जी की गुलामी से आजादी पा सकते हैं. इस बार के चुनाव में हम ममता बनर्जी और टीएमसी के सामने नहीं झुकेंगे. हम सिर्फ अल्लाह से डरते हैं, और वहां ही हमारा सिर झुकता है.
Advertisement
ओवैसी ने कहा कि अगर आपका लीडर होगा तो आपकी आवाज भी उठाई जाएगी. अगर आपके पक्ष में कोई नेता नहीं है, तो आपको गूंगा बना दिया जाएगा. आपको दबाया जाएगा. आपको कुचल दिया जाएगा.
Advertisement
15 साल से ममता बनर्जी को वोट देकर हमें क्या मिला?
उन्होंने कहा कि वर्षों तक हम लोगों ने कभी कांग्रेस तो कभी लेफ्ट को वोट दिया. 15 साल से ममता बनर्जी को वोट दे रहे हैं. लेकिन, मुझे बताइए कि इन्हें वोट देकर हमें क्या मिला? आप आराम से इस बात को सोचिए, हमारे बुजुर्गों ने कांग्रेस को वोट किया तो क्या फायदा हुआ, बच्चों को नौकरी मिली, मुर्शिदाबाद से पलायन खत्म हुआ. लेफ्ट को वोट दिया तो क्या मुसलमानों की जिंदगी के हालात बदल गए. सरकारी नौकरी मिली. टीएमसी को 15 साल से वोट दिया, टीएमसी ने हमारे लिए जमीन पर क्या बदलाव किए. इन सरकारों ने सिर्फ मुसलमानों को वोटिंग मशीन के तौर पर इस्तेमाल किया और हम इस्तेमाल होते रहे.
Advertisement
ओवैसी ने कहा कि हमारे पास लीडरशिप नहीं है, इसीलिए हम सिर्फ वोट डालने वाली मशीन बनकर रह गए हैं. मैं यहां से अपने भाइयों से अपील करता हूं कि मैंने हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाया है, वर्षों तक उनकी सरकारों को देखा है. अब पश्चिम बंगाल और अपनी किस्मत बदलने का वक्त आ गया है.
"टीएमसी और भाजपा में सेटिंग हो चुकी है"
उन्होंने सीएम ममता बनर्जी और पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि यह नहीं चाहते हैं कि बंगाल में मुस्लिम नेतृत्व बढ़े. इन दोनों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. अगर किसी पर भरोसा करना है तो ओवैसी पर कीजिए. टीएमसी और भाजपा में सेटिंग हो चुकी है. मैं ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि बंगाल में भाजपा के चार विधायक से 77 तक कैसे हो गए? भाजपा को बंगाल में किसने इतना कामयाब बना दिया?
Advertisement
यह भी पढ़ें
उन्होंने दावा किया कि हुमायूं और ओवैसी किसी हिंदू के खिलाफ नहीं हैं. हम हक चाहते हैं, टीएमसी के सामने सिर नहीं झुकाएंगे, हम अल्लाह से डरते हैं, और हक चाहते हैं.