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मध्य प्रदेश में मामा Vs मोहन! अफसरों पर क्यों भड़के शिवराज, बेटे ने दी चेतावनी- पहले हमसे लड़ो, जानें पूरा मामला
कोसमी गांव में प्रशासन और वन विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ कार्तिकेय चौहान धरने पर बैठे हैं.
Image Source- IANS
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BJP शासित मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया. जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधिकारी आमने-सामने आ गए. एमपी के सीहोर में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान ने मोर्चा खोल दिया.
सीहोर के बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में प्रशासन और वन विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है. जिसके खिलाफ कार्तिकेय चौहान धरने पर बैठे हैं. वे आदिवासियों के साथ उनके बीच बैठकर अफसरों से भिड़ गए और सीधी चेतावनी दे डाली.
अफसरों पर सख्त हुए कार्तिकेय चौहान
कार्तिकेय चौहान ने कोसमी गांव में कहा, आदिवासी भाइयों के जो मकान गिराए गए हैं. वह तिरपाल में नहीं रहेंगे और उनके मकान वहीं बनाए जाएंगे. जहां से उन्हें हटाया गया है. उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, ‘अधिकारियों को लोगों से टकराने से पहले हमसे टकराना होगा.’
कार्तिकेय ने आदिवासी परिवारों के साथ मिलकर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया. उन्होंने कहा, ‘बड़े दुख की बात है कि जन्मदिन के दिन ही इस बच्चे के सिर के ऊपर छत नहीं है. हम प्रण लेते हैं कि अगले जन्मदिन तक इस बच्चे को पक्का मकान मिल जाए. हम भरे हुए कुएं को फिर से पोकलेन मशीन मंगाकर खुलवाएंगे. जब तक ऐसा नहीं हो जाता है. हम आपके लिए पीने के पानी की व्यवस्था करेंगे.’
कोसमी में अपने जनजातीय भाई-बहनों के बीच पहुँचा, तो पता चला कि नन्हे जय का चौथा जन्मदिन है। फिर क्या था, हम सबने मिलकर केक काटा और जश्न मनाया। मुश्किल हालात में भी इन परिवारों की मुस्कान और अपनों के लिए प्यार देखकर मन भर आया। सच है, खुशियाँ साधनों की मोहताज नहीं होतीं। https://t.co/20h90K6tVe
— Kartikey Singh Chouhan (@ks_chauhan23) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 13, 2026
प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हुए थे शिवराज
दरअसल, कोसमी गांव में वन विभाग की तरफ से 12 आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ दिया गया था. पानी वाले कुओं को मिट्टी से भरकर बंद कर दिया गया. जिस पर शिवराज सिंह चौहान ने बेहद नाराजगी जताई. केंद्रीय मंत्री कोसमी गांव पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की.
वहीं, निगम के मुताबिक, कोसमी में 2021 में पौधरोपण कराया गया था. कुछ आदिवासी परिवारों पर पौधे नष्ट कर खेती करने और झोपड़ियां बनाने के आरोप हैं. निगम का कहना है कि उनके खिलाफ वन अपराध दर्ज किए गए थे और बेदखली के नोटिस भी दिए गए थे.
शिवराज का दावा है कि उन्होंने कार्रवाई से पहले ही अफसरों से परिवारों को नहीं हटाने को कहा था. ये क्षेत्र शिवराज सिंह चौहान के लोकसभा सीट बुधनी में आता है. ऐसे में उन्होंने अधिकारियों और CM मोहन यादव पर अपना गुस्सा निकाला. केंद्रीय मंत्री ने कहा, इन लोगों के वोट से ही मोहन यादव जी मुख्यमंत्री बने हैं. इसके बाद वे धरने पर बैठे, उन्होंने यह भी कहा जहां बच्चों की किलकारियां गूंजती थी वहां चीखें गूंज रही हैं, ये जुल्म की इंतिहा है. अब शिवराज के बेटे कार्तिकेय भी इस मुहिम में शामिल हो गए हैं.
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इस पूरी घटना ने मध्य प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है. इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान का रुख एमपी सरकार से अलग दिखा है. कई बार उनके बयानों में मोहन सरकार के खिलाफ उनके रुख की झलक दिखी है.
इस पूरी घटना ने मध्य प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है. इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान का रुख एमपी सरकार से अलग दिखा है. कई बार उनके बयानों में मोहन सरकार के खिलाफ उनके रुख की झलक दिखी है.
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