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एनआईए की बड़ी कार्रवाई, बडगाम में आतंकी आरोपी की 11.5 मरला संपत्ति जब्त, हिजबुल और जेईएम नेटवर्क पर शिकंजा
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बडगाम जिले के एसके बाग इलाके में एक आरोपी की संपत्ति जब्त कर ली है. जब्त की गई 11.5 मरला जमीन तफाजुल हुसैन परिमू के नाम पर दर्ज है, जो वर्तमान में एनआईए की हिरासत में है.
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी अपराध जांच के तहत एसके बाग बडगाम में आतंक के आरोपी की संपत्ति जब्त कर ली है. 11.5 मरला की यह संपत्ति तफाजुल हुसैन परिमू की है, जो वर्तमान में एनआईए की हिरासत में है. तफाजुल पर अवैध शराब बनाने, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है.
एनआईए ने आतंकी गतिविधियों में शामिल आरोपी की संपत्ति जब्त की
एनआईए ने उसे हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी समूह से जुड़े हथियार तस्करी और आतंकी वित्तपोषण मामले में मुख्य आरोपियों में से एक के रूप में पहचाना है और कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक दविंदर सिंह से जुड़ा हुआ था. तफाजुल को एनआईए ने 12 अक्टूबर 2020 को गिरफ्तार किया था. एनआईए उसकी संपत्तियों पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है. नवंबर 2025 और फिर अप्रैल 2026 में एनआईए ने बडगाम के एसके बाग में स्थित 11.5 मरला जमीन को जब्त कर लिया. आरोपी को उस मामले की विस्तारित जांच के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसमें डीएसपी दविंदर सिंह को 11 जनवरी 2020 को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को ले जाते हुए पकड़ा गया था.
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इससे पहले भी एनआईए ने आतंकी की कई संपत्तियां जब्त की थीं
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इसके पहले 22 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आतंकी की कई संपत्तियां जब्त की थीं. यह कार्रवाई 2017 में सीआरपीएफ शिविर पर हुए फिदायीन हमले से संबंधित है, जिसमें पांच अर्धसैनिक जवान शहीद हो गए थे और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे. एनआईए द्वारा जब्त की गई अचल संपत्तियों में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा पुलिस थाना क्षेत्र के लेथपोरा में कई जमीन के टुकड़े और आवासीय परिसर शामिल हैं. आतंकवाद से प्राप्त आय मानी जाने वाली ये संपत्तियां आरोपी फैयाज अहमद मगरे की थीं. लेथपोरा निवासी फैयाज को फरवरी 2019 में केस के संबंध में गिरफ्तार किया गया था.
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एनआईए ने अगस्त 2019 में उस पर आरपीसी और यूए (पी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था. बता दें कि लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ शिविर पर 30 दिसंबर 2017 की रात को अत्याधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और गोला-बारूद से लैस तीन अज्ञात आतंकवादियों ने हमला किया था. तीनों जबरन शिविर में घुस गए और वहां मौजूद कर्मियों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए थे.