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SBI के पूर्व शाखा प्रबंधक पर ED की बड़ी कार्रवाई, 5.40 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग केस में पत्नी समेत आरोपपत्र दायर
ईडी ने 17 मार्च 2026 को पीएमएलए की धारा 5 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर दोनों आरोपियों की लगभग 97.92 लाख रुपये की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था.
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है.
सीबीआई और पुलिस की एफआईआर से शुरू हुई जांच
ईडी ने 26 मार्च को माननीय विशेष न्यायाधीश, सीबीआई-सह-विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए), रांची के समक्ष पीएमएलए, 2002 की धारा 44 के साथ पठित धारा 45 के तहत यह शिकायत दर्ज की. दोनों पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.
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ईडी ने इस मामले की जांच सीबीआई (एसीपी, धनबाद) और शिकारीपाड़ा पुलिस स्टेशन, दुमका द्वारा मनोज कुमार के खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार से संबंधित हैं.
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5.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
जांच में पता चला कि मनोज कुमार ने जनवरी 2013 से सितंबर 2020 के दौरान एसबीआई की पांच शाखाओं, फूलबंगा, साहिबगंज, पीबीबी साहिबगंज, बरहेट बाजार और शिकारीपाड़ा, में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्य करते हुए सुनियोजित बैंक धोखाधड़ी की. उन्होंने अनधिकृत डेबिट लेन-देन और 440 ग्राहक खातों (केसीसी लोन, पेंशन, बचत और कैश क्रेडिट) में जानबूझकर धोखाधड़ी करके कुल लगभग 5.40 करोड़ रुपए की 'अपराध से अर्जित संपत्ति' उत्पन्न की. इस धोखाधड़ी से विभिन्न शाखाओं में कुल 3.53 करोड़ रुपए से अधिक का गलत नुकसान हुआ.
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फर्जी खातों और संपत्तियों के जरिए धन को छिपाया
प्राप्त धन को परिवार के खातों, सहयोगियों के खातों और फर्जी एनजीओ के जरिए घुमाया गया और अचल संपत्तियों में निवेश कर छिपाया गया. मनोज कुमार की पत्नी नीतू कुमारी (गृहिणी) ने भी जानबूझकर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल धोखाधड़ी की रकम घुमाने के लिए किया. साहिबगंज में उनके नाम पर बनी रिहायशी संपत्ति में भी अपराध से प्राप्त धन का इस्तेमाल हुआ. सीबीआई की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 10 लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए थे.
करीब 98 लाख की संपत्ति अटैच
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ईडी ने 17 मार्च 2026 को पीएमएलए की धारा 5 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर दोनों आरोपियों की लगभग 97.92 लाख रुपये की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था. इनमें साहिबगंज के सागर कॉलोनी में नीतू कुमारी के नाम का मकान और पटना के सुबोध पैलेस में मनोज कुमार के नाम के दो फ्लैट शामिल हैं.