Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

गोरक्षपीठ में रविवार को होगी महानिशा पूजा, हवन कर लोक मंगल का आशीर्वाद मांगेंगे सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर रविवार (18 अक्टूबर) को नवरात्र की अष्टमी तिथि में विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन कर लोक मंगल की प्रार्थना करेंगे. गोरक्षपीठ में सोमवार (19 अक्टूबर) को पूर्वाह्न 11 बजे से मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान के प्रतीक के रूप में कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा.

Image Credit: UPID
Loading Ad...

शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन तपोस्थली गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से जारी आध्यात्मिक अनुष्ठान रविवार से अपने सबसे विशिष्ट और पावन पड़ाव की ओर अग्रसर होंगे. गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार से मंगलवार तक अनवरत तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान, पूजन और पारंपरिक उत्सवों में लीन रहेंगे. अष्टमी (रविवार, 18 अक्टूबर) की शाम वह गोरक्षपीठ के पारंपरिक निशा पूजा में सम्मिलित होंगे जबकि सोमवार (19 अक्टूबर) को नवमी तिथि पर उनके द्वारा कन्या पूजन का अनुष्ठान किया जाएगा. नवरात्र की पूर्णता के बाद दशहरे के दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) को गुरु गोरक्षनाथ की विशिष्ट पूजा कर गोरक्षपीठाधीश्वर, गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे.  

योगी सरकार पांच डॉप्लर रडार लगाने के लिए खर्च कर रही 19.50 करोड़, आमजन और किसानों को मिलेगी राहत

रविवार से मंगलवार तक विशिष्ट अनुष्ठान व आराधना में लीन रहेंगे मुख्यमंत्री

Loading Ad...

शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी. इसके बाद के नियमित नवरात्र पूजन के अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा किए जा रहे हैं. अष्टमी की तिथि के मान से लेकर विजयादशमी तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वयं आराधना व आनुष्ठानिक कार्यक्रमों के लिए उपस्थित रहेंगे. गोरक्षपीठाधीश्वर रविवार (18 अक्टूबर) को नवरात्र की अष्टमी तिथि में विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन कर लोक मंगल की प्रार्थना करेंगे. गोरक्षपीठ में सोमवार (19 अक्टूबर) को पूर्वाह्न 11 बजे से मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान के प्रतीक के रूप में कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्या पूजन कर मातृ शक्ति के प्रति गोरक्षपीठ की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे. गोरक्षपीठाधीश्वर नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारेंगे, उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत का तिलक लगा विधि विधान से पूजन करेंगे. पूरी श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे. इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा. जबकि मंगलवार (20 अक्टूबर) को महायोगी गोरखनाथ जी के विशिष्ट पूजन व गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव के बाद सायंकाल विजयादशमी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. 

Loading Ad...

गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है विजयादशमी शोभायात्रा
दशहरे के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का खास आकर्षण है. इस शोभायात्रा में सामाजिक समरसता देखने को मिलती है. इस शोभायात्रा में हर वर्ग के लोग तो शामिल होते ही हैं, इसका अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम व बुनकर समाज) के लोगों द्वारा भव्य स्वागत भी किया जाता है. तीन पीढ़ियों से विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करने वाले उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा बताते हैं कि मंदिर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर पर हम लोग घंटों पहले फूलमाला लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर के स्वागत को खड़े रहते हैं. 

शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

धूमधाम से निकलेगी गोरक्षपीठाधीश्वर की विजयादशमी शोभायात्रा
गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी विजयादशमी के दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) सायंकाल गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी. पीठाधीश्वर गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने वाहन में सवार होंगे. तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी. यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव की पूजा अर्चना करेंगे. इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी. यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे. इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी. यही नहीं विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे. विजयादशमी के दिन शाम को गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत भोज का भी आयोजन होगा जिसमें अमीर-गरीब और जाति-मजहब के विभेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...