Advertisement
'JDU 12 सीटों पर सिमट जाएगी...', पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया, नीतीश कुमार पर भी कही बड़ी बात
JDU से निष्कासित अनंत सिंह ने दावा किया कि आगामी चुनाव में पार्टी 12 सीटों पर सिमट जाएगी. उन्होंने कहा कि वह पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी रहेंगे.
Advertisement
बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर हलचल तेज हो गई है. विधानपरिषद चुनाव के दौरान जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रत्याशी नीरज कुमार का खुलकर विरोध करना उन्हें भारी पड़ गया है. पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को निष्कासित कर दिया है. इस फैसले के बाद विधायक का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और आगामी चुनाव में JDU की सीटों को लेकर बड़ा दावा किया है.
न्यूज18 से की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अनंत सिंह ने कहा कि JDU आगामी चुनाव में 12 सीटों तक सिमट जाएगी. उन्होंने पार्टी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है. अनंत सिंह ने यह भी साफ किया कि पार्टी से निकाले जाने के बावजूद उनका नीतीश कुमार के प्रति रुख नहीं बदला है. उन्होंने कहा कि वह पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी उनके साथ रहेंगे.
पार्टी से निष्कासन पर क्या बोले अनंत सिंह?
Advertisement
JDU से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित करने का फैसला लिया है, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, 'हम कोई गलत काम नहीं किए हैं. पार्टी हमको निकाल दिया तो निकाल दिया.' उन्होंने दावा किया कि पार्टी को अपनी कार्रवाई का परिणाम आने वाले समय में पता चल जाएगा. अनंत सिंह ने कहा कि JDU को जल्द ही अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा हो जाएगा. उनके इस बयान को पार्टी के फैसले के खिलाफ उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है.
Advertisement
क्या किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे अनंत सिंह?
Advertisement
अनंत सिंह से जब पूछा गया कि क्या वह आने वाले समय में किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी का दामन थाम सकते हैं, तो उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि वह अभी अपनी आगे की रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे. उनके मुताबिक, जनता ही असली मालिक है और वही फैसला करेगी. अनंत सिंह ने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि JDU की स्थापना नीतीश कुमार ने की थी, लेकिन अब पार्टी को कुछ दूसरे लोग चला रहे हैं. उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि पार्टी बनाने वाले नेता ही अगर उसे नहीं चला पा रहे हैं, तो मौजूदा नेतृत्व की स्थिति क्या होगी. वहीं, निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछे जाने पर अनंत सिंह ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कुछ नेताओं और मंत्रियों पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें जल्द ही अपनी स्थिति का पता चल जाएगा.
नीरज कुमार के विरोध से शुरू हुआ विवाद
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पुरानी बताई जाती है. मौजूदा विवाद बिहार विधानपरिषद की आठ सीटों के चुनाव के दौरान सामने आया. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से JDU ने नीरज कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था. दूसरी ओर, अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया. अनंत सिंह केवल समर्थन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वह अनुज सिंह की नामांकन यात्रा में भी शामिल हुए और उनके पक्ष में प्रचार किया. पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करना JDU नेतृत्व के लिए अनुशासन का मुद्दा बन गया. इसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की.
Advertisement
यह भी पढ़े: बिहार का वो अफसर, जिसने RJD सांसद को भेज दिया 5 करोड़ का नोटिस, जानें, भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़ा ये मामला
नीतीश कुमार के साथ रहने की बात दोहराई
निष्कासन के बाद भी अनंत सिंह ने नीतीश कुमार से अपनी नजदीकी बनाए रखने का संकेत दिया है. उन्होंने साफ कहा कि वह नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी उनके साथ रहेंगे. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी से बाहर रहने की स्थिति में उनकी राजनीतिक रणनीति क्या होगी.
Advertisement
यह भी पढ़ें
बताते चले कि अब बिहार की राजनीति में नजर इस बात पर रहेगी कि अनंत सिंह आगे क्या कदम उठाते हैं और उनके बयानों का JDU के भीतर और बाहर क्या असर पड़ता है. फिलहाल, उनका 12 सीटों वाला दावा और नीतीश कुमार के साथ बने रहने का बयान राज्य की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है.