Advertisement
MP के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रक, 12 की मौत, 27 घायल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास धान की बोरियों से लदा एक ट्रक बेकाबू होकर दुकानों में घुस गया. हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. टक्कर से कई दुकानें और दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए.
Advertisement
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर पर एक ट्रक घाटी से उतरते वक्त बेकाबू हो गया. इसकी चपेट में करीब 50 लोग आ गए हैं, जिनमें से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई.दो पुलिसकर्मियों और कुछ बच्चों समेत 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
बेकाबू ट्रक दुकानों में घुसा, कई वाहन भी क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार, धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास दुकानों से जा टकराया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक बेकाबू ट्रक चीनोर की ओर से आते हुए शीतला माता मंदिर के प्रमुख बाहरी गेट के पास घाटी से नीचे उतर रहा था, तभी वह गेट के आसपास बनी दुकानों में घुस गया. बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से कई दुकानों को नुकसान हुआ, तो कई दो पहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।.
Advertisement
Gwalior, Madhya Pradesh: Twelve people were killed and around 27, including two police personnel, were injured after a truck loaded with paddy sacks lost control while descending a hill and crashed into shops near the historic Sheetla Mata Temple. The accident also damaged several shops and two-wheelers. An investigation is underway to determine who allowed the truck to enter the area, which is closed to heavy vehicles during Navratri. Locals demand compensation for the victims’ families, free treatment for the injured and strict action against those responsible.
— IANS (@ians_india) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 18, 2026Advertisement
Loading Ad...
हादसे में 12 की मौत, दो पुलिसकर्मियों समेत 27 घायल
इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मियों समेत करीब 27 लोग घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीमों ने घायलों को अस्पताल के लिए भेजा. करीब पांच लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, मृतकों के शव को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में रखा गया है.
Advertisement
स्थानीय निवासी ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, 'जब मैंने चारों ओर देखा, तो वहां भारी अफरा-तफरी और कोहराम मचा हुआ था. लोग चीख-पुकार कर रहे थे और घबराहट में अपने परिजनों को ढूंढ रहे थे। लोगों को ट्रक के नीचे फंसा हुआ देखना बेहद दुखद था. जहां तक लापरवाही की बात है, तो यह ग्वालियर प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा है. एक बहुत बड़ी चूक है, जिसकी वजह से शीतला माता मंदिर में यह हादसा हुआ.'
Advertisement
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और मुफ्त इलाज की मांग
उन्होंने कहा कि हमारी सनातन आस्था को गहरा आघात पहुंचा है. लोगों की इस मंदिर में अटूट आस्था है, जहां नारियल तक नहीं फोड़े जाते और नींबू तक नहीं काटे जाते, फिर भी ऐसी त्रासदी हो गई. यह दिल तोड़ने वाला है. मेरी मांग है कि सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो सनातन धर्म, उज्जैन और मंदिरों की बात करते हैं, वे आज ग्वालियर आएं. शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और घायलों का मुफ्त इलाज हो. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं अस्पताल जाकर आमरण अनशन शुरू कर दूंगा. न्याय मिलना ही चाहिए, और हमारे लोगों के साथ हुए इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ट्रक की टक्कर से ध्वस्त हुईं दुकानें
Advertisement
एक दुकानदार बबलू प्रजापति ने कहा, 'यहां मेरी दुकान थी, जिसे उसके पिता संभाल रहे थे. वहां दो रिश्तेदार भी आए हुए थे. कुल चार लोग दुकान पर थे, जो घायल हैं. सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है.' उन्होंने बताया कि ट्रक के कारण यह हादसा हुआ है. ट्रक नीचे बहुत तेज गति से आया था, जिस कारण दो से तीन दुकान बिल्कुल ध्वस्त हो गईं.
यह भी पढ़े: केरल की अरुंधति का कन्यादान करेंगे CM योगी! एक Video ने बदली थी जिंदगी, लेटर लिखकर मुख्यमंत्री ‘भाई’ से की भावुक अपील
यह भी पढ़ें
बता दें कि ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर पर नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं और इस दौरान वहां से गुजरने वाले रास्ते को बड़े वाहनों के लिए बंद कर दिया जाता है, लेकिन ट्रक को किसने एंट्री दी, उसकी जांच पड़ताल जारी है. अधिकारियों ने कहा है कि ट्रक को वहां से निकलने की एंट्री किसने दी और पूरे मामले में किसकी लापरवाही है, इसकी जांच पड़ताल की जा रही है. वहीं, प्रशासनिक की ओर से पीड़ितों को मदद मुहैया कराई जा रही है.