मेरठ से हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे, निवेश और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, CM योगी की बड़ी घोषणा

Ganga Expressway: इसे मेरठ से हरिद्वार तक भी जोड़ने की योजना है. सरकार का कहना है कि अच्छी सड़क और तेज कनेक्टिविटी ही निवेश और विकास की सबसे बड़ी बुनियाद होती है, इसलिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है.

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12 Feb 2026
( Updated: 12 Feb 2026
10:57 AM )
मेरठ से हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे, निवेश और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, CM योगी की बड़ी घोषणा
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Ganga Expressway will reach Haridwar from Meerut: प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के बाद एक बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लगभग 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे, जो मेरठ से प्रयागराज तक बनकर लगभग तैयार है, अब और आगे बढ़ाया जाएगा. इसे प्रयागराज से मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र के शक्तिनगर तक ले जाया जाएगा. इतना ही नहीं, इसे मेरठ से हरिद्वार तक भी जोड़ने की योजना है. सरकार का कहना है कि अच्छी सड़क और तेज कनेक्टिविटी ही निवेश और विकास की सबसे बड़ी बुनियाद होती है, इसलिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है. आगरा-लखनऊ-हरदोई-फर्रुखाबाद को भी इस नेटवर्क से जोड़ने के लिए बजट में धन की व्यवस्था की गई है. साथ ही पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को गाजीपुर से आगे चंदौली और सोनभद्र तक बढ़ाया जाएगा, जिससे पूर्वी यूपी को भी सीधा फायदा मिलेगा.

‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ तक का सफर   

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राज्य कभी पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, वही आज देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाला राज्य बन रहा है. उन्होंने इस बजट को “विकसित भारत-2047” की दिशा में एक मजबूत कदम बताया. उनका कहना है कि पिछले नौ वर्षों में बिना कोई नया टैक्स लगाए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया गया है. इस बार के बजट में 43 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की नई योजनाएं शामिल हैं और ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय तय किया गया है. इससे बड़े पैमाने पर सड़क, पुल, बिजली, उद्योग और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

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टेक्नोलॉजी और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर खास जोर

सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्षेत्र पर भी खास ध्यान दिया है. बजट में स्टेट डाटा अथॉरिटी बनाने, डाटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने, यूपी एआई मिशन शुरू करने और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर बनाने की घोषणा की गई है. सरकार का मानना है कि आने वाला समय डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, इसलिए युवाओं को नई तकनीक से जोड़ना जरूरी है.आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर ‘डीप टेक’ के क्षेत्र में काम किया जाएगा, ताकि उन्नत तकनीक और शोध के जरिए नए स्टार्टअप और रोजगार के अवसर बन सकें. स्किल डेवलपमेंट हब और डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजनाओं के जरिए युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी

सरकार ने किसानों के लिए भी कई अहम योजनाएं घोषित की हैं. 23 लाख डीजल पंपों को धीरे-धीरे सोलर पंप में बदलने की योजना है, जिससे किसानों का खर्च कम होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. एससी-एसटी और महिला किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी और अन्य किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को रिवॉल्विंग फंड दिया जाएगा, एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे और दो लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता तैयार की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि उद्यमी भी बने.

महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं

इस बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी खास ध्यान दिया गया है. महिला उद्यमी उत्पाद एवं विपणन केंद्र (सी-मार्ट मॉडल) शुरू किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने का बेहतर मंच मिलेगा. महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड और ब्याज मुक्त ऋण जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाए जाएंगे और महिला गाइड के लाइसेंस शुल्क में छूट दी जाएगी. उच्च शिक्षा में मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि बेटियां आसानी से पढ़ाई कर सकें.

खेल, रोजगार और भविष्य की बड़ी योजना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज खोला जाएगा, जिससे युवाओं को खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण मिल सके. सरकार का दावा है कि राज्य में बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है, जबकि 2017 से पहले यह 17 से 19 प्रतिशत के बीच थी. मुख्यमंत्री ने इस बजट को “नए उत्तर प्रदेश की निर्णायक छलांग” बताया और कहा कि वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन नेतृत्व बदलने से परिणाम बदले हैं.

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सरकार का कहना है कि यह बजट विकास, रोजगार, टेक्नोलॉजी, कृषि और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर आगे बढ़ने की एक बड़ी योजना है, जिससे उत्तर प्रदेश को देश की मजबूत अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान दिलाया जा सके.

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