Advertisement
रुई के खिलौनों से बुने सपने, वंदना चौधरी बनीं नारी शक्ति की मिसाल
वंदना के मुताबिक, अब वह प्रदेश सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपने काम को और बड़ा करने की तैयारी में हैं. साथ ही ऑनलाइन प्लेटफार्म की मदद से सॉफ्ट टॉयज की बिक्री को आगे बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है.
Advertisement
नवरात्र की इन पावन रातों में जब घर-घर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं, तब झांसी की गलियों में एक साधना हुनर और हौसले की चल रही है. इस साधना की साधिका हैं वंदना चौधरी, जिन्होंने रुई जैसे नरम सॉफ्ट टॉयज में अपने सपनों की मजबूत बुनावट दी. जिस शहर की माटी ने रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना को जन्म दिया, उसी झांसी की यह बेटी आज आत्मनिर्भरता का उदाहरण है. ऐसा उदाहरण जो स्थापित करता है कि नारी जब ठान ले तो चूल्हे-चौके की चौखट से निकलकर प्रदेश के सबसे बड़े ट्रेड शो के मंच तक पहुंच सकती है और कई परिवारों को संवार सकती है.
‘विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’, ओपी राजभर का अखिलेश पर निशाना
एक जिला एक उत्पाद ने दिखाई राह
योगी सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना ने झांसी की कई महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की राह दिखाई है. वंदना चौधरी इन्हीं में एक है. वर्ष 2022 में उन्होंने योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण लिया. प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें प्रमाण पत्र और सॉफ्ट टॉयज बनाने की निःशुल्क किट प्रदान की गई. यही किट उनके सपनों की पहली सीढ़ी बनी. वंदना ने इस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया. सीखे हुए हुनर को उन्होंने रोजगार में बदला और सॉफ्ट टॉयज बनाने के काम से जुड़ गईं. आज वह न केवल अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं, बल्कि परिवार चलाने में आर्थिक सहयोग भी दे रही हैं. अपने साथ उन्होंने कई महिलाओं को भी जोड़ रखा है.
Advertisement
प्रदर्शनियों और ट्रेड शो में बिखेरा हुनर
वंदना बताती हैं कि उनका काम अब झांसी की सीमाओं से बाहर निकल चुका है. वह इटावा, लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं. पिछले महीने आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी उन्होंने हिस्सा लिया. ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक हुए इस आयोजन में उनके उत्पादों की काफी सराहना हुई. एक घरेलू महिला का देश-प्रदेश के बड़े मंच तक पहुंचना अपने आप में नारी शक्ति की गौरवगाथा है.
Advertisement
अब अगला पड़ाव: विस्तार और ऑनलाइन बाजार
वंदना के मुताबिक, अब वह प्रदेश सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपने काम को और बड़ा करने की तैयारी में हैं. साथ ही ऑनलाइन प्लेटफार्म की मदद से सॉफ्ट टॉयज की बिक्री को आगे बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है. इससे उनके उत्पाद देश के कोने-कोने तक पहुंच सकेंगे. वंदना जैसी महिलाएं साबित करती हैं कि शक्ति सिर्फ मंदिरों की मूर्तियों में नहीं, हमारे आसपास की उन महिलाओं में भी बसती है जो चुपचाप संघर्ष करती हैं और अपने दम पर राह बनाती हैं.
'क्या अखिलेश यादव खुद वोट चोरी कराकर BJP को जिता रहे थे?'… दयाशंकर सिंह का सपा प्रमुख पर तीखा हमला
Advertisement
यह भी पढ़ें
‘मैं हर महिला से कहना चाहती हूं कि हुनर सीखिए और आगे बढ़िए. जब महिला खुद आत्मनिर्भर बनती है, तभी असली शक्ति की उपासना होती है. सरकार ने जो भरोसा और सहारा दिया, उसी के दम पर मैं आज अपने हुनर से पहचान बना पाई हूं और परिवार के साथ ही अन्य लोगों की मदद कर पा रही हूं.