महाराष्ट्र में SIR पर CM फडणवीस का बड़ा बयान, बोले- किसी का वोटिंग अधिकार नहीं छीना जाएगा
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे आधिकारिक पोर्टल या स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जांचें, सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन का उपयोग करें और अंतिम सूची जारी होने से पहले आवश्यक सुधार करवा लें.
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मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची को जरूरी बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का बचाव किया. उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं और एसआईआर को लेकर फैल रही गलतफहमियों को खारिज किया.
पात्र मतदाताओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका
मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान के बीच लोगों की चिंताओं पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर कोई नई या मनमानी व्यवस्था नहीं है बल्कि यह दशकों से भारत की चुनावी प्रक्रिया का नियमित हिस्सा रही है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची की पूरी सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक मतदान अधिकार की रक्षा करने और गलतफहमियों को दूर करने के लिए राज्य प्रशासन और चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को साफ और अद्यतन करना है, न कि पात्र मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार से वंचित करना. जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं या गलती से हट गए हैं, उन्हें सुधार के लिए फिर से आवेदन करने का अवसर दिया गया है.
SIR के लिए बढ़ाई गई दावे और आपत्तियों की समयसीमा
उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों की अपेक्षित भागीदारी नहीं मिलने के कारण चुनावी तंत्र ने दावे, आपत्तियां और नए पंजीकरण कराने की समयसीमा बढ़ा दी है, ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता छूट न जाए. पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिक या जिनका नाम प्रारूप सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
नाम जोड़ने और हटाने का अंतिम फैसला ERO के पास
फडणवीस ने बताया कि नाम, पता या अन्य व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी त्रुटियों को फॉर्म-8 जमा करके ठीक कराया जा सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही डुप्लीकेट या संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जाता हो लेकिन किसी नाम को जोड़ने या हटाने का अंतिम निर्णय केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) ही लेते हैं.
मतदाता सूची में नाम जांचने की अपील
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे आधिकारिक पोर्टल या स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जांचें, सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन का उपयोग करें और अंतिम सूची जारी होने से पहले आवश्यक सुधार करवा लें.
उन्होंने कहा कि डुप्लीकेट, मृत और स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर जा चुके लोगों के नाम हटाना चुनाव की पवित्रता बनाए रखने और प्रत्येक वैध वोट की सुरक्षा के लिए जरूरी है. उन्होंने नागरिकों से अद्यतन मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचने तथा अपने मतदान अधिकार की रक्षा करने की अपील की.
इससे पहले भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को महाराष्ट्र की प्रारूप मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी थी. अब नागरिक 26 अक्टूबर तक आवेदन और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. हालांकि, अंतिम मतदाता सूची पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 16 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी.
राज्य की प्रारूप मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हुई थी और अब 26 अक्टूबर तक जारी रहेगी.
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दावे और आपत्तियों पर नोटिस जारी करने तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हो चुकी है और यह 10 नवंबर तक चलेगी. इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को जारी की जाएगी.