योगी को चुनौती देना अखिलेश को पड़ा भारी... चुनाव से पहले तीन विधायकों ने छोड़ा सपा का साथ, थामा BJP का दामन
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. अमेठी में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। तीनों ने स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी समाजवादी पार्टी, दोनों ही चुनावी तैयारियों में पूरे दमखम के साथ जुटी हुई हैं. इस बीच, हाल ही में अखिलेश यादव ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिस पर सीएम योगी ने भी जोरदार पलटवार किया था. इस बयानबाजी के बीच समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. अमेठी में अभय सिंह समेत तीन विधायकों ने सपा का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. तीनों ने स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
अमेठी में आयोजित बीजेपी के एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. इनमें अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं. बीजेपी में शामिल होने के बाद तीनों विधायकों ने सियासी तौर पर नया रुख अपनाया है.
अभय सिंह ने बताया क्यों छोड़ी सपा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभय सिंह ने सपा छोड़ने के पीछे की वजहें भी गिनाईं. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सनातन विरोधी रवैया अपनाने, भर्तियों में पक्षपात करने और पार्टी में चापलूसी को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए. अभय सिंह ने अपने संबोधन में दिल्ली के आंदोलन, नौकरी से जुड़े कथित घोटालों और 2024 के अयोध्या चुनाव का भी जिक्र किया. अभय सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में रामचरितमानस का अपमान करने जैसी घटनाएं हुईं. उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सपा की सरकार में नौकरियां देने के दौरान पक्षपात किया जाता था और चापलूसी करने वालों को प्राथमिकता मिलती थी. उन्होंने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है. अपने संबोधन में अभय सिंह ने सपा के कार्यकाल और वर्तमान व्यवस्था के बीच अंतर बताते हुए पार्टी पर निशाना साधा.
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राज्यसभा चुनाव का जिक्र कर साधा निशाना
राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अभय सिंह ने सपा और बीजेपी की रणनीति की तुलना की. उन्होंने दावा किया कि जहां समाजवादी पार्टी ने कुछ खास लोगों को तरजीह दी, वहीं बीजेपी ने सभी दलों को आगे बढ़ाने का काम किया. दिल्ली में जारी आंदोलन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसे विदेशी फंडिंग के लिए चलाया जा रहा है. वहीं, नौकरी घोटालों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिन मामलों में गड़बड़ी हुई है, उनमें आरोपियों की गिरफ्तारियां हो रही हैं. अभय सिंह ने 2024 के अयोध्या लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां की भोली-भाली जनता को गुमराह करके सांसद चुना गया. उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में अयोध्या के मतदाता लाखों वोटों के अंतर से इसका जवाब देंगे. बीजेपी में शामिल होने के बाद मंच से दिए गए अपने संबोधन के अंत में उन्होंने 'जय श्रीराम' का नारा भी लगाया.
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बताते चलें समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए तीनों विधायकों के इस फैसले से यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई है. वहीं, अभय सिंह के बयानों ने सपा और बीजेपी के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है. अब देखना होगा कि चुनाव से पहले विधायकों के इस पाला बदलने का प्रदेश की सियासत पर कितना असर पड़ता है.