Advertisement
ब्राह्मणों पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ दर्ज हुई FIR
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया है. बीजेपी नेता अजय शर्मा की शिकायत पर BNS की धारा 196(1) के तहत कार्रवाई हुई है. वायरल वीडियो में भाटी की टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया है.
Advertisement
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ ब्राह्मण समाज पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. मामला इतना बढ़ गया कि बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक ने इस बयान की खुलकर आलोचना की है. वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद पुलिस ने कवि नगर थाने में बीजेपी नेता अजय शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 196(1) के तहत केस दर्ज हुआ है. यह धारा धर्म या समुदाय के आधार पर नफरत और दुश्मनी फैलाने से जुड़ी मानी जाती है.
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
Advertisement
दरअसल, सोशल मीडिया पर राजकुमार भाटी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह ब्राह्मण समाज को लेकर विवादित टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद ब्राह्मण संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. शिकायतकर्ता अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि इस बयान से ब्राह्मण समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं. विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को काटकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया, जिससे गलत संदेश गया. साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था. हालांकि, विरोध के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया.
Advertisement
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह बयान समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दिखाता है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने देश के ज्ञान, संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और ऐसे समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कई नेता पहले भी सनातन धर्म, संतों और सामाजिक सद्भाव को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं. पाठक ने कहा कि अब पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को साफ करना चाहिए कि क्या राजकुमार भाटी का बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है या नहीं. उन्होंने मांग की कि अगर ऐसा नहीं है तो भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
Advertisement
कांग्रेस ने भी जताई नाराजगी
इस पूरे विवाद में कांग्रेस ने भी समाजवादी पार्टी प्रवक्ता की टिप्पणी की आलोचना की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन पूरे समाज को निशाना बनाना गलत है. अजय राय ने यह भी कहा कि सिर्फ माफी मांग लेने से मामला खत्म नहीं हो जाता. ऐसे नेताओं के खिलाफ राजनीतिक दलों को अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी नेता समाज को बांटने वाली भाषा इस्तेमाल न करे.
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
Advertisement
राजकुमार भाटी के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी की विचारधारा से जोड़कर हमला बोल रही है, जबकि सपा की तरफ से फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी लोग इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि ब्राह्मण समाज से जुड़े कई संगठन भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.