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बिहार चुनाव में योगी मॉडल का डंका... BJP प्रत्याशियों के बीच यूपी CM की जबरदस्त डिमांड, जानें करेंगे कितनी रैलियां
बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रचार अभियान में गुरुवार से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एंट्री हो रही है. वे गुरुवार को पटना के दानापुर और सहरसा में दो बड़ी रैलियां करेंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, ऐसे में प्रत्याशियों की सबसे बड़ी मांग यही रहती है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रचार कार्यक्रम उनके क्षेत्र में रखा जाए. क्योंकि योगी जिस विधानसभा क्षेत्र में जाते हैं, वहां बीजेपी के जीतने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है. ऐसे में आज यानी गुरुवार से योगी आदित्यानाथ की बिहार चुनाव के प्रचार में एंट्री हो रही है.
गुरुवार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिहार में दो बड़ी जनसभाओं के माध्यम से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. पहली रैली पटना के दानापुर विधानसभा क्षेत्र में होगी, जहाँ बीजेपी प्रत्याशी रामकृपाल यादव के समर्थन में जनता को संबोधित करेंगे. दूसरी रैली सहरसा में होगी, जहाँ वे डॉ. आलोक रंजन के पक्ष में वोटरों को जोड़ेंगे.
सहरसा रैली पर सबकी नजरें
सहरसा की रैली विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह इलाका सीमांचल और कोशी क्षेत्र के पास है, जो मुस्लिम आबादी और AIMIM की सक्रियता के लिए जाना जाता है. हाल ही में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कई जिलों में रैलियां की हैं और उम्मीदवार उतारे हैं. ऐसे में बीजेपी का उद्देश्य है कि योगी आदित्यनाथ की रैलियों के जरिए अपने समर्थक वर्ग को एकजुट किया जाए और हिंदुत्व के मुद्दे को मजबूत किया जाए. ख़ास बात यह है कि एनडीए की ओर से अब तक जारी उम्मीदवारों की सूची में किसी मुस्लिम प्रत्याशी को जगह नहीं मिली है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, योगी की रैलियां कार्यकर्ताओं के लिए मोटिवेशन डोज़ के रूप में हैं और ओवैसी के खिलाफ राजनीतिक संदेश भी देती हैं.
20 से अधिक रैलियां करेंगे CM योगी
दानापुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी रामकृपाल यादव को बाहुबली नेता रीतलाल यादव जैसी चुनौती का सामना करना है. योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी का मकसद सिर्फ वोट जुटाना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सख्ती के संदेश को भी प्रतिद्वंद्वी को देना है. बीजेपी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में योगी आदित्यनाथ बिहार में 20 से अधिक रैलियां करेंगे. खासकर उन सीटों पर जहां मुकाबला त्रिकोणीय या चौकोणीय है, वहां योगी का चेहरा पार्टी के लिए वोट बढ़ाने वाला कारक बन सकता है. राजनीतिक पंडितों का कहना है कि सीमांचल और कोशी के इलाकों में रैलियों के पीछे बीजेपी का उद्देश्य केवल वोट बैंक मजबूत करना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि पार्टी अपने वैचारिक एजेंडे से पीछे नहीं हट रही है.
बताते चलें कि योगी आदित्यनाथ की यह रणनीति बीजेपी के लिए कई मोर्चों पर महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. सीमांचल और कोशी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनका प्रचार न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेगा, बल्कि विपक्षी दलों और छोटे गठबंधनों के लिए भी चुनौती पेश करेगा. ऐसे में बिहार की सियासत में योगी की एंट्री को चुनावी तापमान बढ़ाने वाला माना जा रहा है. गौरतलब है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरण में 6 और 11 नवंबर को मतदान होंगे जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी. गौरतलब है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरण में 6 और 11 नवंबर को मतदान होंगे जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी.
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