Advertisement
जो पुलिस ममता के एक इशारे पर कुछ भी कर गुजरने को थी तैयार, अब सुवेंदु के शपथ लेते ही कर दिया बड़ा खेला; जानें पूरा मामला
बीजेपी की जीत के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने की झलक अब प्रशासन में भी दिखने लगी है. कोलकाता पुलिस ने एक्स पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अनफॉलो कर नरेंद्र मोदी और अमित शाह को फॉलो करना शुरू कर दिया है, जिसे बदलते राजनीतिक समीकरणों का बड़ा संकेत माना जा रहा है.
Advertisement
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब प्रशासनिक तंत्र में भी सत्ता परिवर्तन की साफ झलक दिखाई देने लगी है. बीजेपी की प्रचंड जीत और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोलकाता पुलिस की एक डिजिटल गतिविधि ने पूरे राज्य में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. दरअसल, कोलकाता पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अनफॉलो कर दिया है. वहीं अब इस हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को फॉलो किया जा रहा है.
कोलकाता पुलिस के डिजिटल बदलाव ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
दरअसल, बीते करीब 15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा और राज्य का प्रशासनिक ढांचा भी उसी राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार काम करता दिखाई देता था. ऐसे में कोलकाता पुलिस जो ममता बनर्जी के इशारे पर काम करती थी अब वहीं, पुलिस ने सोशल मीडिया के एक्स पर ना सिर्फ़ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बल्कि उनके भतीजे और पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी को अनफ़ॉलो कर दिया है. सोशल मीडिया अकाउंट में हुआ यह बदलाव केवल एक डिजिटल अपडेट नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बदलते सत्ता समीकरणों का बड़ा संकेत माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम प्रशासन के नए सत्ता केंद्र के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश को बताता है.
Advertisement
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद बदलते दिख रहे हालात
Advertisement
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया है. इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से चल रहे तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत हो गया. चुनाव परिणाम आने के बाद से ही राज्य के कई प्रशासनिक और राजनीतिक संकेत तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. अब कोलकाता पुलिस के एक्स हैंडल की गतिविधि ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि आने वाले दिनों में राज्य की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
Advertisement
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने इसे सत्ता बदलते ही प्रशासन की बदलती वफादारी करार दिया है. उनका कहना है कि सरकारी संस्थाओं को राजनीतिक प्रभाव से दूर रहना चाहिए. वहीं बीजेपी समर्थक इसे नए दौर की शुरुआत बता रहे हैं. उनका दावा है कि अब राज्य में भयमुक्त और निष्पक्ष प्रशासन देखने को मिलेगा, जहां सरकारी एजेंसियां बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करेंगी.
सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
शनिवार को सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और झुककर उनका आशीर्वाद लिया. यह दृश्य भी पूरे समारोह का सबसे चर्चित पल बन गया.
Advertisement
पांच विधायकों ने भी संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी
राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई. इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत एनडीए और बीजेपी शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने रवींद्रनाथ टैोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसी दौरान उन्होंने बीजेपी के 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान भी किया, जिसने समारोह को भावुक और यादगार बना दिया.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ अब प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल भी तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है. कोलकाता पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट में हुआ यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की नई राजनीतिक दिशा और प्रशासनिक कार्यशैली का बड़ा संकेत माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नई सरकार बंगाल की राजनीति और शासन व्यवस्था में क्या नए बदलाव लेकर आती है.