Advertisement
मई 1962- जब बंगाल में बोया गया था हिंदुओं के उत्पीड़न का बीज? BJP सांसद निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर तीखा हमला
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में हिंदुओं के दमन की वैचारिक नींव मई 1962 में कांग्रेस शासन के दौरान ही रख दी गई थी.
Advertisement
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दयनीय स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आज के पश्चिम बंगाल में 'हिंदू प्रताड़ित करो' और मुस्लिम तुष्टिकरण की नींव 3 मई 1962 को ही रखी गई.
निशिकांत दुबे का 1962 दंगों पर बड़ा दावा
सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि 3 मई 1962 से 30 मई 1962 के बीच पश्चिम बंगाल के कई जिलों (मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और कूचबिहार) में हिंदू–मुस्लिम दंगे हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई लोग शरणार्थी बनने को मजबूर हुए.
Advertisement
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर क्या लिखा?
Advertisement
उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "3 मई 1962 से लेकर 30 मई 1962 तक पूरा पश्चिम बंगाल हिंदू मुस्लिम दंगे में झुलसता रहा. हजारों हिंदू मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और कूचबिहार में मरते रहे”.
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और पलायन
Advertisement
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) में भी हिंदुओं पर अत्याचार हुआ, जिसके कारण कई लोग भारत आकर शरण लेने पर मजबूर हुए. निशिकांत दुबे ने लिखा, "पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के हिंदुओं का हाल भी बंगाल जैसा हो रहा था. या तो हिंदू मारे गए या भागकर शरणार्थी बने, जो ज्यादातर मतुआ, यानी अनुसूचित जाति समुदाय के हैं, जिन्हें मोदी सरकार ने नागरिकता दी”.
नेहरू पर मुस्लिम पक्षपात का आरोप
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद के भीतर और बाहर मुसलमानों के पक्ष में रुख अपनाया था. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति सी. राजगोपालाचारी को लिखे गए पत्रों का भी हवाला दिया.
Advertisement
नेहरू के पत्रों से बीजेपी सांसद का कांग्रेस पर निशाना
यह भी पढ़ें
जवाहर लाल नेहरू की ओर से सी. राजगोपालाचारी को लिखे गए पत्रों को 'एक्स' पर शेयर करते हुए भाजपा सांसद ने लिखा, "नेहरू जी संसद में और संसद के बाहर मुसलमानों का पक्ष लेते रहे. राजगोपालाचारी जी को लिखे पत्रों से कांग्रेस के वोटबैंक की राजनीति का पता चलता है. आज के पश्चिम बंगाल में हिंदू प्रताड़ित करो और मुस्लिम तुष्टिकरण की नींव 3 मई 1962 को ही रखी गई”.