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हिमंत बिस्वा सरमा ने शेयर किया 'डायरी' का वो पन्ना, जिस पर पहले लिख दिया था बीजेपी की सीटों का सटीक आंकड़ा
हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक कागज की तस्वीर शेयर कर बताया कि मतदान के बाद उन्होंने जो चुनावी अनुमान लिखे थे, नतीजे उससे भी बेहतर आए. उन्होंने इसे जनता के विश्वास और ऐतिहासिक समर्थन का परिणाम बताया.
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असम की राजनीति में एक बार फिर हिमंत बिस्वा सरमा चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. इस बार वजह कोई चुनावी रैली या बयान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक साधारण सी तस्वीर है. इस तस्वीर में एक कागज पर लिखे कुछ आंकड़े नजर आ रहे हैं, जो अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन चुके हैं.
चुनावी अनुमान की कहानी
दरअसल, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह फोटो साझा करते हुए बताया कि 9 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद उन्होंने अपने अनुमान एक कागज पर लिखे थे. उनका कहना है कि जब एक महीने बाद नतीजे सामने आए, तो परिणाम उनके अनुमान से भी बेहतर निकले. इस पोस्ट के जरिए उन्होंने यह संकेत दिया कि उन्हें अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर पहले से ही पूरा भरोसा था.
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जनता के विश्वास की जीत
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मुख्यमंत्री ने इस जीत को जनता के विश्वास का नतीजा बताया. उन्होंने कहा कि लोगों ने उनकी पार्टी को ऐतिहासिक समर्थन दिया है और पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट ज्यादा हासिल हुई है. यह बयान सिर्फ आभार व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार को अपने कामकाज पर भरोसा था, जो अब नतीजों में भी साफ दिख रहा है.
NDA की बड़ी जीत और आंकड़े
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अगर चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो असम में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने दो-तिहाई बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर ली है. 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की. इनमें भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी दलों बोडो पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद को 10-10 सीटें मिलीं. खास बात यह रही कि भाजपा ने पहली बार अपने दम पर भी बहुमत हासिल किया, जो उसके राजनीतिक विस्तार का बड़ा संकेत है.
हिमंत सरमा की बड़ी जीत
वहीं, खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 वोटों के बड़े अंतर से हराया और लगातार छठी बार इस सीट पर जीत हासिल की. दूसरी तरफ विपक्षी दलों की बात करें तो कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं, जबकि एआईयूडीएफ और रायजोर दल को दो-दो सीटों से संतोष करना पड़ा.
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बताते चलें कि इस पूरे चुनावी परिदृश्य को देखें तो साफ है कि असम में जनता ने एक बार फिर मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा जताया है. ‘कागज वाला अनुमान’ अब सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास की कहानी बन गया है, जो चुनावी नतीजों में सच साबित हुआ. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने इस जनादेश को किस तरह आगे बढ़ाती है और राज्य के विकास को किस दिशा में ले जाती है.