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असम में दूसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा की ताजपोशी… PM मोदी की मौजूदगी में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

असम में हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी दूसरी पारी का आगाज कर चुके हैं. उनके साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली.

Source- Screengrab/IANS
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Himanta Biswa Sarma Oath: असम में BJP की बंपर जीत के बाद दूसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह हुआ. उनके साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. 

इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग के नाम शामिल हैं. हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में PM मोदी भी शामिल हुए. उनके साथ-साथ NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुंचे. इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में भी दिग्गजों का जमावड़ा लगा था. बताया जा रहा है हिमंत सरकार की कैबिनेट में 18 से 19 मंत्री हो सकते हैं. 

कब होगी कैबिनेट की पहली बैठक?

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शपथ से पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी नई कैबिनेट को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था, शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट की बैठक होगी. जिसमें मेनिफेस्टों को लागू करने से जुड़े कई फैसले लिए जाएंगे.

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सिंगापुर ने दी जीत की बधाई 

भारत में सिंगापुर के उच्चायोग ने हिमंता बिस्वा सरमा को बधाई दी. चुनाव में NDA की जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं. उच्चायुक्त साइमन वोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सरमा को शुभकामनाएं दीं और असम की निरंतर प्रगति और विकास में सहयोग देने के लिए सिंगापुर की प्रतिबद्धता दोहराई. 

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सिंगापुर को असम का ‘भरोसेमंद दोस्त’ बताते हुए वोंग ने कहा कि यह द्वीपीय देश कई क्षेत्रों में पूर्वोत्तर राज्य के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं. 

उच्चायुक्त ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हमारे प्यारे दोस्त हिमंत बिस्वा सरमा को बहुत-बहुत बधाई. मुख्यमंत्री के तौर पर आपका नया कार्यकाल निश्चित रूप से असम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. आपके भरोसेमंद दोस्त के रूप में हम हमेशा की तरह असम के साथ खड़े रहेंगे.’

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पिछले कुछ वर्षों में असम और सिंगापुर ने औद्योगिक निवेश, तकनीक, बुनियादी ढांचे और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को काफी बढ़ाया है. सिंगापुर, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत राज्य के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों में से एक बनकर उभरा है. 

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