Advertisement
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने वाराणसी में 60 करोड़ की लागत से बने सत्रम का किया उद्घाटन
उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए काशी (वाराणसी) और तमिलनाडु के बीच प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बंधन पर प्रकाश डाला.
Advertisement
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वाराणसी में श्री काशी नाटकोट्टाई नगर सत्रम प्रबंध सोसायटी द्वारा निर्मित नए सत्रम (विश्राम स्थल) का उद्घाटन किया.
उपराष्ट्रपति ने वाराणसी में नए सत्रम (विश्राम स्थल) का किया उद्घाटन
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 140 कमरों वाला 10 मंजिला सत्रम, वाराणसी में श्रद्धालुओं के लिए सोसाइटी द्वारा निर्मित दूसरा केंद्र है.
आधिकारिक बयान में कहा गया कि इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सेवा करना और युवा पीढ़ी को इस पवित्र शहर की यात्रा के लिए प्रोत्साहित करना है. यह पहल काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बंधन को दर्शाती है, जो 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना में काशी-तमिल के गहरे जुड़ाव का प्रतीक है.
Advertisement
उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए काशी (वाराणसी) और तमिलनाडु के बीच प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बंधन पर प्रकाश डाला.
उपराष्ट्रपति ने पवित्र शहर की प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री और आदित्यनाथ को दिया
उन्होंने इस पवित्र शहर की अपनी पिछली यात्राओं को याद किया और पिछले 25 वर्षों में इसके उल्लेखनीय परिवर्तन का उल्लेख किया. उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया.
उपराष्ट्रपति ने नागरथर समुदाय की समर्पित सामाजिक सेवा और जहां भी वे जाते हैं, तमिल संस्कृति को बढ़ावा देने के उनके निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की.
Advertisement
60 करोड़ रुपए की लागत से बना विश्राम स्थल
उन्होंने 60 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सत्रम के निर्माण के लिए समुदाय की सराहना की, जो पूरी तरह से सामुदायिक दान से वित्त पोषित है, और नए भवन को विश्वास, लचीलेपन और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग का प्रतीक बताया.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंततः धर्म की ही जीत होती है और कहा कि जिस भूमि पर अब सतराम स्थित है, उस पर कभी अतिक्रमण किया गया था, लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों से उसे सफलतापूर्वक पुनः प्राप्त कर लिया गया. उन्होंने कहा कि सतराम अब भक्तों के लिए एक उत्कृष्ट सुविधा के रूप में स्थापित है.
Advertisement
काशी को माना जाता है दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि काशी को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी माना जाता है और कहा कि नवनिर्मित सतराम आने वाले भक्तों को बहुत लाभान्वित करेगा और साथ ही आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगा.
राधाकृष्णन ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में देवी अन्नपूर्णी अम्मन देवी की मूर्ति की वापसी की भी सराहना की.
बयान में कहा गया है कि एक सदी से भी पहले वाराणसी के मंदिर से चुराई गई मूर्ति, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण 2021 में कनाडा से भारत वापस आ गई.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement
Advertisement
Advertisement