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झूठा निकला ट्रंप का दावा! सीनेटर वार्नर ने खोली पोल, कहा- ‘भारत-पाक ने खुद सुलझाया मसला, ट्रंप तो बस क्रेडिट बटोर रहे हैं’

Senator Warner exposed Trump: भारत-पाक के बीच सीजफायर के डोनाल्ड ट्रंप के दावे की सीनेटर वार्नर ने पोल खोलकर रख दी है. उन्होंने कहा है कि, ‘अमेरिका सिर्फ क्रेडिट बटोर रहा है’.

अमेरिका के प्रभावशाली सीनेटर और सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष मार्क वॉर्नर ने कहा कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को खत्म करने में अमेरिका की भूमिका को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी बातें कूटनीतिक माहौल को बिगाड़ सकती हैं और इस संवेदनशील समय में क्षेत्रीय तनाव को और हवा दे सकती हैं.

वॉर्नर ने ट्रंप की सीधी दखलअंदाजी को खारिज किया

उन्होंने कहा कि, ‘उपलब्ध जानकारी इस बात का समर्थन नहीं करती कि वाशिंगटन ने अकेले ही इस तनाव को सुलझाया. जो कुछ मैंने भारतीय सरकार के सदस्यों, खुफिया समुदाय और अमेरिकी इंटेलिजेंस कमेटी से सुना और पढ़ा, उससे साफ है कि यह मसला भारत और पाकिस्तान के बीच ही सुलझा है. वॉर्नर ने माना कि अमेरिका ने सहयोगी भूमिका निभाने की कोशिश की होगी, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी दखलअंदाजी के दावों को खारिज कर दिया. 

‘भारत-पाक के बीच तनाव कोई नहीं बात नहीं’

यह पूछे जाने पर कि क्या यह टकराव दोनों परमाणु संपन्न देशों को बड़ी तबाही के करीब ले गया था, वॉर्नर ने कहा कि स्थिति गंभीर थी, लेकिन नई नहीं. भारत और पाकिस्तान के बीच पहले भी ऐसे कई तनाव हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि यह घटना एक जाना-पहचाना पैटर्न दिखाती है. यह फिर से किसी आतंकवादी घटना से जुड़ा था और सीमा पार आतंकवाद को लंबे समय से चली आ रही चिंता बताया. ऐसे मौकों के लिए नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संवाद के चैनल मौजूद हैं.

‘ट्रंप अक्सर नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं’

वॉर्नर ने चिंता जताई कि अमेरिका की भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से सहयोगी देशों के साथ भरोसा कमजोर हो सकता है. भारत के साथ मौजूदा टैरिफ विवाद भी इसी नाराजगी से जुड़ा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीजफायर का श्रेय ट्रंप को पर्याप्त रूप से नहीं दिया. यही इसका कारण लगता है. उन्होंने दूसरे विदेशी मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रंप अक्सर नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं. ईरान पर अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अमेरिकी सैन्य लड़ाकू विमान ने शानदार काम किया, लेकिन उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म नहीं किया. तेहरान कुछ महीनों में दोबारा इसे तैयार कर सकता है”.

‘ट्रंप की वजह से रिश्ते खराब हुए’

वॉर्नर ने कहा कि इस तरह की भाषा के कूटनीतिक नुकसान होते हैं और इससे वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच भरोसे में गिरावट आती है. उन्होंने रक्षा सहयोग पर भी असर पड़ने की चेतावनी दी और कहा कि भारत जैसे देश रातोंरात किसी नए साझेदार पर पूरी तरह निर्भर नहीं हो सकते. 

अमेरिकी भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर बताना क्षेत्रिय संतुलन के लिए नुकसानदायक

पाकिस्तान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह अक्सर भारत पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देता है और अपनी आर्थिक चुनौतियों के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराता है. इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि भारत अब उस प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़ चुका है और नई पीढ़ी अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों के पक्ष में है. वॉर्नर ने चेताया कि अमेरिका की भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर बताना क्षेत्रीय संतुलन को और जटिल बना सकता है और भारत-अमेरिका के लंबे समय के रिश्तों को स्थिर करने की जरूरत से ध्यान हटा सकता है.

 

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