जेल जाएंगे सौरव दास समेत CJP के 3 नेता! जंतर-मंतर पर जबरन घुसना पड़ा भारी, दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन
दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पुलिस ने एहतियातन गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बिना अनुमति क्षेत्र में प्रवेश और पीस बॉन्ड की शर्तों के कथित उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है.
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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और दिल्ली पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे पार्टी के नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है. सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद संगठन ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए सवाल उठाए हैं. वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
दरअसल, मामला उस समय बढ़ा गया जब CJP के कार्यकर्ता कड़ी बैरिकेडिंग के बीच जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया था. इसके बाद संगठन के नेताओं और अन्य सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. ऐसे में वहां प्रदर्शन करने पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा. मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के कुछ अन्य सदस्यों को निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था. CJP का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया.
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पुलिस ने क्यों की कार्रवाई?
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप शामिल हैं. इसके अलावा, शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों के कथित उल्लंघन से संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने पहले शांति भंग नहीं करने का बॉन्ड दिया था. पुलिस का आरोप है कि इस शर्त का उल्लंघन किया गया. इसी आधार पर एहतियाती कार्रवाई की गई है. हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम कानूनी निर्णय संबंधित प्राधिकारी या अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा.
CJP ने गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी
CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किए जाने की संभावना है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया है. संगठन के अनुसार, अजिंक्य शिंदे अन्य प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति में CJP की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी बात रखना चाहते थे.
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पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
इससे पहले शनिवार को भी दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था. उस समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण संगठन का प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सका था. बाद में तीनों को इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.
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बहरहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और CJP के विरोध के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और संगठन आगे अपने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाता है.